7 मजदूरों की रातों-रात चमकी किस्मत! खदान से मिला 16.96 कैरेट का हीरा, 3 साथियों के सिर अब सजेगा सेहरा

पन्ना। ‘हीरों की नगरी’ पन्ना के सरकोहा गांव में सात गरीब मजदूरों की किस्मत एक झटके में बदल गई है। उथली हीरा खदान में काम करने वाले इन मजदूरों को 16.96 कैरेट का अत्यंत दुर्लभ ‘जेम क्वालिटी’ हीरा मिला है। बाजार में इस चमचमाते हीरे की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

बारिश के बीच मिट्टी में चमका 50 लाख का हीरा

जानकारी के अनुसार, पट्टा धारक अखिलेश पाल अपने 6 अन्य साथियों के साथ सरकोहा में खदान चला रहे थे। बारिश के दौरान जब अखिलेश खदान की चाल का जायजा लेने पहुंचे, तो मिट्टी के बीच उनकी नजर एक बेहद चमकदार पत्थर पर पड़ी। जब उसे साफ करके देखा गया तो वह 16.96 कैरेट का बहुमूल्य उज्ज्वल हीरा निकला। हीरा मिलते ही सातों साथियों के सालों के संघर्ष और तंगी का अंत हो गया।

आर्थिक तंगी से नहीं हो रही थी शादी, अब बजेगी शहनाई

इस हीरे ने न सिर्फ मजदूरों की आर्थिक तंगी दूर की है, बल्कि तीन परिवारों की सबसे बड़ी चिंता भी खत्म कर दी है। समूह में शामिल संतोष, शर्मन और अरुण आर्थिक तंगी के कारण 30 से 38 वर्ष की उम्र तक अविवाहित थे। अब हीरा मिलने के बाद तीनों की शादी की राह आसान हो गई है और उनके सिर जल्द ही सेहरा सजने वाला है।

कच्चे छप्पर होंगे पक्के, बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा

मजदूरों ने बताया कि सरकारी नियम के मुताबिक उन्होंने हीरा शासकीय हीरा कार्यालय (Panna Diamond Office) में जमा करा दिया है। आगामी शासकीय नीलामी में जब इस हीरे की बोली लगेगी, तो शासन की रॉयल्टी और टैक्स काटने के बाद मिलने वाली शेष राशि सातों पार्टनरों में बराबर-बराबर बांट दी जाएगी। मजदूरों ने इस पैसे से अपने कच्चे छप्परों को पक्के मकान में बदलने और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का फैसला किया है।

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