Sawan 2026: कब शुरू होगा सावन? जानिए पहला सावन सोमवार, पूजा विधि और भगवान शिव की आराधना का महत्व
Sawan 2026 का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होगा। जानिए पहला सावन सोमवार कब है, कितने सोमवार व्रत पड़ेंगे और भगवान शिव की पूजा की सही विधि
Sawan 2026 कब शुरू होगा? पहला सावन सोमवार किस तारीख को पड़ेगा और भोलेनाथ की पूजा में किन चीजों का महत्व है? अगर आप सावन सोमवार का व्रत रखने वाले हैं तो तारीख, पूजा विधि और इस पवित्र महीने से जुड़ी हर जरूरी जानकारी यहां जानें। पूरी खबर पढ़ें।
Sawan 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा सावन, जानिए पहला सावन सोमवार, पूजा विधि और महत्व
हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पवित्र महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान शिव भक्त पूरे महीने श्रद्धा और भक्ति के साथ भोलेनाथ की पूजा, जलाभिषेक और व्रत करते हैं। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की आराधना करने से सुख-शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
साल 2026 में सावन महीने को लेकर भक्तों में काफी उत्साह है। आइए जानते हैं सावन कब शुरू होगा, पहला सावन सोमवार कब पड़ेगा और पूजा की सही विधि क्या है।
कब शुरू होगा Sawan 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, Sawan 2026 की शुरुआत 30 जुलाई, गुरुवार से होगी। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई की रात 8 बजकर 5 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 30 जुलाई की रात 9 बजकर 30 मिनट पर होगा।
उदय तिथि के अनुसार सावन का आरंभ 30 जुलाई से माना जाएगा। यह पवित्र महीना 28 अगस्त 2026 को पूर्णिमा तिथि के दिन समाप्त होगा। इस बार सावन कुल 31 दिनों का रहेगा।
पहला सावन सोमवार कब है?
सावन महीने में सोमवार का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव को सोमवार का दिन प्रिय माना जाता है, इसलिए सावन सोमवार का व्रत और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
2026 में कुल चार सावन सोमवार पड़ेंगे:
- पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
सावन सोमवार पूजा विधि
सावन सोमवार के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और भगवान शिव की पूजा करते हैं। पूजा के दौरान शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और भस्म अर्पित करने की परंपरा है।
कई भक्त सावन में रुद्राभिषेक भी करवाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में भगवान शिव का अभिषेक करने और मंत्रों का जाप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

सावन महीने का धार्मिक महत्व
मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया।
इसी वजह से सावन में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।
शिव भक्ति के लिए खास महीना
शिव पुराण में भी सावन महीने की महिमा का वर्णन मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में भगवान शिव का ध्यान, मंत्र जाप, दान और पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
भक्तों का विश्वास है कि सावन में सच्चे मन से की गई आराधना से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
