Bilaspur Flood: बारिश और जलभराव ने खोली राशन व्यवस्था की पोल, 50 से ज्यादा दुकानों में अनाज हुआ खराब
Bilaspur Flood: बिलासपुर की 50 से अधिक सरकारी राशन दुकानों में भारी नुकसान, हजारों क्विंटल खाद्यान्न पानी में भीगकर खराब
Bilaspur Flood: बारिश के बाद बिलासपुर में सरकारी राशन व्यवस्था पर बड़ा संकट सामने आया है। गरीबों के लिए रखा हजारों क्विंटल अनाज पानी में खराब हो गया, दस्तावेज नष्ट हो गए और कई दुकानों में वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई। जानिए पूरी खबर और प्रशासन की कार्रवाई।
Bilaspur Flood: बारिश ने बिगाड़ी राशन व्यवस्था, पानी में डूबा गरीबों का अनाज
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हुई भारी बारिश और जलभराव ने सरकारी राशन व्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। पानी उतरने के बाद अब सरकारी राशन दुकानों में हुए नुकसान की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
जिले की कई उचित मूल्य दुकानों में रखा हजारों क्विंटल खाद्यान्न पानी में भीगकर खराब हो गया है। चावल, शक्कर, नमक और अन्य जरूरी राशन सामग्री के साथ कई सरकारी दस्तावेज भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं।
50 से ज्यादा राशन दुकानों को नुकसान
जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की 50 से अधिक सरकारी राशन दुकानों में नुकसान हुआ है। जलभराव के कारण कई जगहों पर राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
बैमा-नगोई, टिकरापारा और मस्तूरी क्षेत्र की राशन दुकानों में सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात सामने आ रही है।
इन दुकानों में रखा सरकारी अनाज लंबे समय तक पानी में रहने के कारण खराब हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में राशन वितरण पर असर पड़ सकता है।
दुकानदारों ने मांगा मुआवजा
राशन दुकान संचालकों का कहना है कि यह नुकसान उनकी किसी लापरवाही के कारण नहीं हुआ है। अचानक आई बारिश और जलभराव के कारण दुकान में रखा पूरा स्टॉक खराब हो गया।
संचालकों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है, ताकि हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
Bilaspur Flood: प्रशासन ने शुरू किया सर्वे
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने प्रभावित राशन दुकानों का सर्वे शुरू कर दिया है।
अधिकारियों ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट के आधार पर राहत और आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

गरीबों के राशन पर संकट
सरकारी राशन दुकानों में रखा अनाज गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए होता है। ऐसे में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न खराब होने से राशन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द राशन व्यवस्था को सामान्य करना और नुकसान की भरपाई करना है।
