छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर घमासान, चरणदास महंत ने सरकार पर लगाए 136 आरोप; अजय चंद्राकर ने ली चुटकी
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत होते ही सदन का माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि विपक्ष जनता के मुद्दों को लेकर सदन में खड़ा है।
‘136 बिंदुओं का आरोप-पत्र लेकर आया हूं’
चर्चा के दौरान डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि उनके पास 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र है, जो सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी और कथित विफलताओं का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सभी फैसले सामूहिक विचार-विमर्श और सहमति से लिए जाते हैं तथा अविश्वास प्रस्ताव भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अपने कार्यकाल में किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में सरकार की कार्यशैली को देखते हुए विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा।
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अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर कसा तंज
चर्चा शुरू होने से पहले भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा के 25 वर्षों के इतिहास में पहली बार नेता प्रतिपक्ष स्वयं अविश्वास प्रस्ताव पेश कर रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद विपक्ष को अपने अन्य विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष को खुद मोर्चा संभालना पड़ा।
सदन में तीखी बहस के आसार
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। सरकार अपनी उपलब्धियों को सामने रखेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। ऐसे में विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
