महतारी वंदन योजना पर विधानसभा में तीखी बहस, ई-केवाईसी और लाभार्थियों के नाम कटने पर विपक्ष का वॉकआउट

महतारी वंदन योजना

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को महतारी वंदन योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटाए जाने, ई-केवाईसी की स्थिति और नए आवेदनों के लिए पोर्टल बंद होने का मुद्दा उठाया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।

लाभार्थियों के नाम हटाने पर सरकार से सवाल

प्रश्नकाल के दौरान उमेश पटेल ने कहा कि योजना की पहली किस्त मिलने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए। उन्होंने पूछा कि आखिर कितनी महिलाओं का नाम काटा गया और जिनका नाम हट गया, उन्हें दोबारा योजना का लाभ कब मिलेगा।

सरकार ने ई-केवाईसी और अपात्र हितग्राहियों की दी जानकारी

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में बताया कि 1 लाख 55 हजार 655 हितग्राहियों का ई-केवाईसी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा मृत और अपात्र लाभार्थियों के नाम भी सूची से हटाए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आयकरदाता, शासकीय सेवकों के परिवार और योजना की पात्रता पूरी नहीं करने वाले लोगों को नियमों के अनुसार अपात्र घोषित किया गया है। वहीं लगभग एक लाख महिलाओं की राशि केवल ई-केवाईसी लंबित होने के कारण रोकी गई है।

पोर्टल कब खुलेगा?

उमेश पटेल ने सरकार से पूछा कि नए लाभार्थियों के पंजीयन के लिए महतारी वंदन योजना का पोर्टल दोबारा कब शुरू किया जाएगा। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही पोर्टल शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि “यह विष्णु देव साय सरकार का सुशासन है और पात्र महिलाओं को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।”मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने बहुत कम समय में योजना लागू कर लाखों महिलाओं तक इसकी पहली किस्त पहुंचाई, जबकि पिछली सरकार अपने वादे को पूरा नहीं कर सकी।

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जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अभी भी योजना से वंचित हैं और पोर्टल बंद होने के कारण नए आवेदन भी नहीं हो पा रहे हैं। इसके विरोध में विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का मुद्दा भी उठा

सदन में कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में वित्तीय अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने बालोद जिले में आयोजित विवाह कार्यक्रमों और लाभार्थियों की संख्या पर सवाल किए।

जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जिले में करीब 400 जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत कराया गया है। शिकायतों के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभाग को अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई शिकायत सामने आती है तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी।

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