खाद-बीज से लेकर कार्रवाई तक, भूपेश बघेल के सवालों पर गरमाई विधानसभा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में खाद-बीज की कमी, सरकारी आयोजनों में खर्च और औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसे मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जबकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर पहले सदन से बहिर्गमन किया और बाद में नारेबाजी करते हुए गर्भगृह (वेल) में पहुंचने पर विपक्षी सदस्य स्वमेव निलंबित हो गए।
सरकारी आयोजनों के खर्च पर सरकार से सवाल
प्रश्नकाल के दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने बिलासपुर जिले में दिसंबर 2023 से 16 जून 2026 के बीच आयोजित शासकीय कार्यक्रमों पर हुए व्यय की जानकारी मांगी। उन्होंने खर्च में संभावित अनियमितताओं की जांच की मांग भी उठाई।
लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए कहा कि सभी भुगतान बिल प्रस्तुत होने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने नहीं आई है। हालांकि यदि किसी जनप्रतिनिधि के पास शिकायत या ठोस जानकारी है तो सरकार मामले की जांच कराने के लिए तैयार है।
औद्योगिक दुर्घटनाओं पर भूपेश बघेल के सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने औद्योगिक दुर्घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि हादसों की स्थिति में संबंधित उद्योगों के निदेशकों पर कार्रवाई होगी या केवल कुछ चुनिंदा लोगों पर ही कार्रवाई की जाएगी।
इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि जांच में जिस किसी का नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान भूपेश बघेल ने एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति का नाम एफआईआर में दर्ज है तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
खाद-बीज की कमी पर विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव
शून्यकाल में विपक्ष ने प्रदेश में खाद और बीज की कथित कमी को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि किसान आवश्यक उर्वरक और बीज के लिए भटक रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही हैं। विपक्षी सदस्यों ने मांग की कि किसानों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष
खाद-बीज के मुद्दे पर सरकार की ओर से मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब दिया, लेकिन विपक्ष उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और सदन से बहिर्गमन किया। कुछ देर बाद विपक्षी सदस्य नारे लगाते हुए गर्भगृह (वेल) में पहुंच गए। विधानसभा की कार्यवाही के नियमों के अनुसार वेल में आने पर विपक्षी सदस्य स्वतः निलंबित हो गए।
सदन में दिनभर रहा राजनीतिक तनाव
तीसरे दिन की कार्यवाही के दौरान विधानसभा में लगातार राजनीतिक तनाव का माहौल बना रहा। सरकारी खर्च, औद्योगिक सुरक्षा और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर हुई तीखी बहस ने पूरे दिन की कार्यवाही को प्रभावित किया।
