विधानसभा में गूंजा जल जीवन मिशन और रायपुर जलापूर्ति का मुद्दा, अरुण साव ने दी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन पेयजल व्यवस्था और जल जीवन मिशन (JJM) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा हुई। विधायक भईयालाल राजवाड़े और अजय चंद्राकर ने अलग-अलग सवालों के माध्यम से जल योजनाओं की प्रगति, अधूरे कार्यों और रायपुर में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा। इस पर उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सदन में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
कोरिया जिले में जल जीवन मिशन पर सरकार का जवाब
विधायक भईयालाल राजवाड़े ने जल जीवन मिशन के तहत कोरिया जिले में पाइपलाइन बिछाने और पानी की टंकियों के निर्माण कार्य का मुद्दा उठाया। जवाब में डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि कोरिया जिले में कुल 678 जल जीवन मिशन योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 143 योजनाएं पूरी कर संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 928 पानी की टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें 751 टंकियां पूरी हो चुकी हैं, जबकि 177 टंकियों का निर्माण कार्य अभी जारी है।
अरुण साव ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कार्य अधूरा है तो संबंधित विधायक जानकारी उपलब्ध कराएं, सरकार उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को विधायक भईयालाल राजवाड़े की संतुष्टि के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
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रायपुर की जलापूर्ति और अमृत मिशन पर उठे सवाल
विधायक अजय चंद्राकर ने रायपुर शहर में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, अमृत मिशन, स्मार्ट सिटी परियोजना और नगरोत्थान योजना के तहत हुए कार्यों को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने अमृत मिशन के तहत हुए खर्च, 24×7 जलापूर्ति की स्थिति तथा पानी के टैंकरों के जरिए की जा रही सप्लाई पर खर्च की जानकारी भी मांगी।
अमृत मिशन पर सरकार ने क्या बताया?
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि अमृत मिशन वर्ष 2016 में शुरू हुआ था और 2025 में पूरा हुआ। इस परियोजना पर लगभग 427.37 करोड़ रुपये (42,737.23 लाख रुपये) खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से रायपुर के 20 वार्डों में पूर्ण रूप से और 25 वार्डों में आंशिक रूप से पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमृत मिशन में 24 घंटे जलापूर्ति (24×7 Water Supply) का प्रावधान शामिल नहीं था।
24×7 जलापूर्ति को लेकर सदन में बहस
अजय चंद्राकर ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 24×7 जलापूर्ति का दावा किया गया था, लेकिन अब तक किसी भी वार्ड में यह सुविधा पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
इस पर अरुण साव ने जवाब दिया कि 14 वार्डों में 24×7 जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने का कार्य जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के माध्यम से शहर में जलापूर्ति होती थी और जल आवर्धन योजना भी संचालित थी।
