Nakti में 80 मकानों पर बुलडोजर के बाद गरमाई सियासत, बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए सवाल
Nakti में हुई कार्रवाई पर BJP सांसद ने जताई नाराजगी, अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल।
Nakti गांव में 80 मकानों पर चली बुलडोजर कार्रवाई को लेकर अब BJP सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ही सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर उन्होंने ऐसा क्या कहा और क्यों बताया कार्रवाई को गलत? जानिए पूरे विवाद की पूरी कहानी।
Nakti बुलडोजर एक्शन पर भड़के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बोले- कुछ अफसरों ने सरकार की छवि खराब कर दी
Brijmohan Agrawal On Nakti Bulldozer Action: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास स्थित नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। विपक्ष पहले से ही इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमलावर है, लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि बरसात के मौसम में इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं थी और कुछ अधिकारियों की जल्दबाजी के कारण सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है।
बारिश के बीच कार्रवाई को बताया गलत
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि Nakti गांव में जिस समय बुलडोजर चलाया गया, उस दौरान लगातार बारिश हो रही थी। ऐसे समय में लोगों के घर तोड़ना मानवीय दृष्टिकोण से सही फैसला नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर मंत्री ओपी चौधरी को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक उन्हें उसका कोई जवाब नहीं मिला है। इससे साफ है कि वे इस पूरे घटनाक्रम से संतुष्ट नहीं हैं।
ग्रामीणों को दिया था आश्वासन
बुलडोजर कार्रवाई से एक दिन पहले Nakti गांव के ग्रामीण सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिलने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उनसे घर तोड़े जाने पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। उस समय सांसद ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि बरसात के दौरान कोई तोड़फोड़ नहीं होगी और प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि, अगले ही दिन प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई।
80 मकानों पर चला बुलडोजर
29 जून को रायपुर प्रशासन ने नकटी गांव में कथित अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान करीब 80 मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। लगातार हो रही बारिश के बीच बेघर हुए लोगों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा
नकटी बुलडोजर कार्रवाई के बाद विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने बिना पर्याप्त समय दिए गरीब परिवारों के घर तोड़ दिए। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई और पूरी प्रक्रिया नियमानुसार अपनाई गई।
सियासी विवाद गहराने के आसार
अब जब बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की है, तो मामला और अधिक राजनीतिक हो गया है। एक ओर प्रशासन अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के ही वरिष्ठ नेता अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
