नकटी के बाद अब तूता में बेदखली की तैयारी? 36 परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस
ग्राम नकटी में बेदखली की कार्रवाई को लेकर विवाद अभी थमा भी नहीं है कि अब नवा रायपुर क्षेत्र के ग्राम तूता में भी 36 परिवारों को मकान तोड़ने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों में चिंता और नाराजगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि वर्षों से रह रहे घरों पर अब बेदखली की तलवार लटक गई है।
प्राधिकरण ने भूमि पर अतिक्रमण का लगाया आरोप
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण ने दावा किया है कि संबंधित परिवारों ने उसकी स्वामित्व वाली भूमि पर बिना अनुमति पक्का निर्माण कर अतिक्रमण किया है। नोटिस में ग्राम तूता के खसरा नंबर 645 की भूमि का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि निर्माण छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसी आधार पर संबंधित लोगों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई क्यों न की जाए।
पीएम आवास वाले परिवार भी नोटिस की जद में
ग्रामीणों का कहना है कि जिन 36 परिवारों को नोटिस मिला है, उनमें से करीब 20 परिवार ऐसे हैं जिनके मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए हैं। ऐसे में लोगों का सवाल है कि यदि मकान सरकारी योजना के तहत बने हैं, तो अब उन्हें अतिक्रमण की श्रेणी में कैसे रखा जा रहा है।
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6 जुलाई तक जवाब देने का मिला मौका
प्राधिकरण ने सभी संबंधित परिवारों को 6 जुलाई को सुबह 11 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय तक जवाब नहीं दिया गया, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नकटी कार्रवाई के बाद फिर बढ़ी सियासी हलचल
तूता में नोटिस जारी होने का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब नकटी गांव में 85 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति पहले से गर्म है। प्रभावित परिवार लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से पुनर्वास तथा राहत की मांग कर रहे हैं। अब तूता का मामला सामने आने के बाद बेदखली और पुनर्वास का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक बहस के केंद्र में आ गया है।
