छत्तीसगढ़ में मनरेगा कर्मचारियों का आंदोलन फिलहाल स्थगित, सरकार ने 15 दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा
छत्तीसगढ़ में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चला रहे मनरेगा कर्मचारियों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है। यह फैसला उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ देर रात हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया। बैठक में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा, जिस पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए समाधान का आश्वासन दिया।
15 दिनों के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी लंबित मुद्दों की समीक्षा कर 15 दिनों के भीतर उचित निर्णय लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद कर्मचारी संगठनों ने फिलहाल अपना आंदोलन रोकने पर सहमति जताई।
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चरणबद्ध आंदोलन पर फिलहाल विराम
मनरेगा कर्मचारी पिछले कुछ समय से नियमितीकरण, वेतनमान और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे थे। सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि तय समय सीमा के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आगे की रणनीति तय कर दोबारा आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
बातचीत से निकला समाधान का रास्ता
सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई सकारात्मक चर्चा के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अगले 15 दिनों में सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्या निर्णय लेती है।
