“गरीबों का घर उजाड़कर नहीं चाहिए विधायक आवास”: चातुरी नंद ने CM को लिखा पत्र
सरायपाली विधायक चातुरी डिग्रीलाल नंद ने रायपुर के सम्मानपुर (नकटी) गांव में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान 85 गरीब परिवारों के बेघर होने के मामले पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय, असंवेदनशील और जनविरोधी बताते हुए प्रभावित परिवारों के पक्ष में खड़े होने की बात कही है।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, विधायक आवास लेने से किया इनकार
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में विधायक चातुरी नंद ने स्पष्ट लिखा है कि गरीबों के घर उजाड़कर उन्हें विधायक आवास नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विधायक आवास के लिए किसी गरीब परिवार को विस्थापित करना पड़ता है, तो वह ऐसी व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगी।
सरकार से संवेदनशील निर्णय लेने की अपील
विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कांग्रेस विधायकों से लिखित रूप में यह बताने को कहा था कि उन्हें विधायक आवास के लिए जमीन नहीं चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने भी मुख्यमंत्री को अपना लिखित पक्ष भेज दिया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को भी अपनी संवेदनशीलता और मंशा स्पष्ट करनी चाहिए।
READ MORE : छत्तीसगढ़ श्रम विभाग में अधिकारियों का तबादला: कई अफसरों को नई जिम्मेदारी और अतिरिक्त प्रभार
उसी गांव में पुनर्वास और पक्के मकान की मांग
चातुरी नंद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिन 85 परिवारों को बेदखल किया गया है, उन्हें सम्मानपूर्वक उसी गांव में भूमि आवंटित कर शीघ्र पक्के आवास उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि किसी भी विकास परियोजना की कीमत गरीब परिवारों की छत छीनकर नहीं चुकाई जानी चाहिए।
‘विधायक आवास कहीं भी बन सकते हैं, लेकिन गरीबों की कीमत पर नहीं’
अपने पत्र के अंत में विधायक ने कहा कि विधायक आवास किसी अन्य स्थान पर बनाए जा सकते हैं, लेकिन किसी गरीब का आशियाना उजाड़कर नहीं। उन्होंने इसे मानवीयता और न्याय का सवाल बताते हुए सरकार से प्रभावित परिवारों के हित में निर्णय लेने की अपील की।

