ग्वालियर कांग्रेस में नई कार्यकारिणी का इस्तीफों के साथ स्वागत, दो नेता पद से हुए अलग

Gwalior Congress resignation dispute

जिला कांग्रेस कमेटी की सूची जारी होते ही लतीफ खान और प्रतीक जैन ने छोड़े पद, सीनियरिटी और सम्मान को लेकर उठे सवाल

 

 

ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर जिला कांग्रेस कमेटी में लंबे इंतजार के बाद जैसे ही नई कार्यकारिणी की सूची जारी हुई, वैसे ही पार्टी के भीतर अंतर्कलह और असंतोष खुलकर सामने आ गया है। सूची सार्वजनिक होने के कुछ ही घंटों के भीतर इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के दो नवनियुक्त पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

 

47वें नंबर पर नाम आने से नाराज लतीफ खान का इस्तीफा

कार्यकारिणी सूची में 47वें स्थान पर रखे गए नेता लतीफ खान को जिला कांग्रेस कमेटी में सचिव मनोनीत किया गया था। पद और सूची में अपनी क्रमानुगत स्थिति (सीनियरिटी) से नाराज लतीफ ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया। लतीफ ने पोस्ट में स्वाभिमान की बात उठाते हुए लिखा- “शहर जिला कांग्रेस कमेटी में स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मैं नवनियुक्त सचिव पद से अपना इस्तीफा देता हूं।”

 

महासचिव बनाए गए प्रतीक जैन ने भी छोड़ा पद

लतीफ खान के बाद कार्यकारिणी में महासचिव बनाए गए प्रतीक जैन ने भी अपने पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस नेतृत्व को चौंका दिया। सूची में प्रतीक जैन को 26वें नंबर पर महासचिव घोषित किया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी निष्ठा का हवाला देते हुए कहा कि वह पार्टी की सेवा के लिए पद की लालसा नहीं रखते हैं और इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं।

 

संगठनात्मक उथल-पुथल का पुराना इतिहास

ग्वालियर कांग्रेस में संगठनात्मक असंतोष कोई नई बात नहीं है। साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद से पार्टी में आंतरिक कलह का दौर लगातार जारी रहा है । उस समय जिन 22 विधायकों ने पार्टी छोड़ी थी, उनमें से अधिकांश ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से थे , जिससे यह क्षेत्र कांग्रेस के लिए लगातार संवेदनशील बना हुआ है। मार्च 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद पार्टी इस इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने में नाकाम रही है।

 

पार्टी को पहले भी चुनावी सूची जारी होने के बाद असंतोष का सामना करना पड़ा है। साल 2023 में एमपी विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची जारी होने पर सागर, दतिया, उज्जैन, सतना, ग्वालियर समेत कई जिलों में कार्यकर्ताओं और नेताओं के इस्तीफे और विरोध प्रदर्शन सामने आए थे ।

 

जीतू पटवारी की नई टीम को लगा शुरुआती झटका

पार्टी सूत्रों की मानें तो लंबे समय से ग्वालियर जिला कार्यकारिणी का इंतजार किया जा रहा था, ताकि संगठन को धरातल पर मजबूत किया जा सके। लेकिन सूची जारी होते ही जिस तरह वरिष्ठता सूची (सीनियरिटी) और पदों के वितरण को लेकर असंतोष उभरा है, उसने पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगामी दिनों में कुछ और नेता भी सूची को लेकर नाराजगी जाहिर कर सकते हैं। फिलहाल, दो इस्तीफे के बाद जिला संगठन बैकफुट पर नजर आ रहा है।

 

 

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