मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: तबादलों को मिली अतिरिक्त मोहलत, स्वास्थ्य और मेट्रो परियोजनाओं को भी मंजूरी
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तबादला अवधि को 24 घंटे के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी गई। अब विभागीय स्तर पर लंबित तबादला आदेश मंगलवार रात 12 बजे तक जारी किए जा सकेंगे। सरकार का यह फैसला उन विभागों की मांग के बाद लिया गया, जहां कई प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति की प्रतीक्षा में थे।
मंत्रियों की मांग पर हुआ फैसला
कैबिनेट बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने तबादलों की समय-सीमा बढ़ाने की आवश्यकता जताई। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में फाइलें अभी प्रक्रियाधीन हैं और उन्हें पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए। हालांकि कुछ मंत्रियों ने दो दिन की मोहलत मांगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने केवल एक दिन का विस्तार देने पर सहमति जताई और स्पष्ट कर दिया कि इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत में बड़ा इजाफा
बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को भी स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना की अनुमानित लागत पहले लगभग 7,500 करोड़ रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 12,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि बढ़ती निर्माण लागत और तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए संशोधित बजट को मंजूरी दी गई है।
24 हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को हरी झंडी
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों की करीब 24 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं को आगे जारी रखने की स्वीकृति भी दी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बनी रहेगी और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 लागू
बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इस नीति के तहत सामाजिक, धार्मिक और परोपकारी संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार आधुनिक उपकरणों की खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।
अस्पताल संचालित करने वाले ट्रस्टों को मिल सकती है जमीन
सरकार ने ऐसे ट्रस्टों और संस्थाओं को भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की है, जो अस्पताल संचालन की क्षमता रखते हैं। इसके लिए पांच मंत्रियों की समिति गठित की जाएगी, जो पात्रता और भूमि आवंटन के मानदंड तय करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का जोर
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है। नई नीति के तहत निजी और परोपकारी संस्थाओं को प्रोत्साहन देकर मेडिकल शिक्षा, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसी क्रम में रीवा, देवास और गुना के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है।
