4.35 अरब की ठगी, 1.59 लाख निवेशक आज भी कर रहे अपनी जमा पूंजी लौटने का इंतजार

4.35 अरब की ठगी

धमतरी जिले में चिटफंड कंपनियों से जुड़े मामलों का असर आज भी हजारों परिवारों पर दिखाई दे रहा है। अधिक मुनाफे के लालच में निवेश करने वाले बड़ी संख्या में लोग वर्षों बाद भी अपनी जमा पूंजी वापस नहीं पा सके हैं। जिले में लाखों निवेशकों ने विभिन्न योजनाओं में पैसा लगाया था, लेकिन कंपनियों के बंद होने के बाद उनकी रकम फंसकर रह गई।

आकर्षक योजनाओं के नाम पर जुटाई गई करोड़ों की राशि

चिटफंड कंपनियों ने लोगों को कम समय में अधिक लाभ और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाकर बड़ी मात्रा में धन एकत्र किया था। शुरुआत में निवेशकों को बेहतर रिटर्न का भरोसा दिया गया, लेकिन समय आने पर कई कंपनियों ने भुगतान बंद कर दिया और उनके कार्यालयों पर ताले लग गए। इसके बाद बड़ी संख्या में पीड़ितों ने प्रशासन के पास शिकायतें दर्ज कराईं।

लंबी कानूनी प्रक्रिया बनी परेशानी

निवेशकों द्वारा दावे प्रस्तुत किए जाने के बावजूद अधिकांश मामलों का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। कई प्रकरण न्यायिक प्रक्रिया में लंबित हैं, जिसके कारण प्रभावित लोगों को राहत मिलने में देरी हो रही है। निवेशकों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी जमा रकम लौटने की उम्मीद में सरकारी कार्यालयों और अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं।

आरोपियों पर कार्रवाई, लेकिन पैसा अब भी अटका

मामलों की जांच के दौरान कई कंपनियों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन इससे निवेशकों को तत्काल आर्थिक राहत नहीं मिल सकी। विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बड़ी संख्या में निवेशकों को राशि वापसी संभव हो पाएगी।

सरकारों ने शुरू किए राहत के प्रयास

चिटफंड पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए समय-समय पर विभिन्न कदम उठाए गए हैं। कंपनियों की संपत्तियों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई और कुछ मामलों में निवेशकों को राशि लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू हुई। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में लोग अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

उम्मीद और इंतजार के बीच फंसे परिवार

कई परिवारों ने अपनी जीवनभर की बचत, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निवेश किया था। रकम फंसने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। ऐसे में पीड़ित निवेशकों की सबसे बड़ी मांग यही है कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा कर उन्हें उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए।

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