अभिषेक बनर्जी की ‘आनन-फानन’ दिल्ली यात्रा सीआईडी समन से पहले तानाशाही का आरोप, लोकसभा में भी फूट की आशंका

TMC internal crisis

टीएमसी के संसदीय दल में बगावत की आशंकाओं के बीच अभिषेक बनर्जी रवाना, बागी विधायक संदीपन साहा का आरोप- बंगाल जैसा ही घटनाक्रम दिल्ली में भी हो रहा

 

नई दिल्ली/कोलकाता। टीएमसी के संसदीय दल में भी विद्रोह फैलने की आशंकाओं के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी अचानक शनिवार को दिल्ली पहुंच गए। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सोमवार को उन्हें सीआईडी के सामने पेश होना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने खुद अपने भतीजे को तय वक्त से एक दिन पहले दिल्ली जाने को कहा ताकि सोमवार की इंडिया गठबंधन बैठक से पहले वह स्थितियों का जायजा ले सकें।

 

लोकसभा में भी फूट की आशंका

पश्चिम बंगाल विधानसभा में 58 विधायकों के बगावत करने के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि टीएमसी के संसदीय दल में भी ऐसा ही घटनाक्रम हो सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को संसदीय दल के नेता पद से हटाने के लिए 19 सांसदों का समर्थन चाहिए और यह आंकड़ा 20 को पार कर सकता है। फिलहाल लोकसभा में टीएमसी के 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं।

 

बागी विधायक का बड़ा आरोप: ‘यह तानाशाही का नतीजा’

टीएमसी के बागी विधायक और विधानसभा में नए विधायी दल के उपनेता संदीपन साहा ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में संसदीय दल के अंदर भी वैसा ही घटनाक्रम चल रहा है जैसा बंगाल विधानसभा में हुआ था। साहा ने इसे अभिषेक बनर्जी की ‘तानाशाही’ का नतीजा बताया। यह भी दावा किया जा रहा है कि बागी विधायकों का यह विद्रोह ममता बनर्जी के खिलाफ नहीं बल्कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ है।

 

अभिषेक को सीआईडी का समन

अभिषेक बनर्जी का दिल्ली दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि 8 जून को उन्हें सीआईडी के सामने पेश होना है। यह मामला विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर विवाद से जुड़ा है। सीआईडी ने उन्हें नोटिस भेजकर मूल मीटिंग रिजॉल्यूशन बुक के साथ पेश होने का निर्देश दिया था। अभिषेक ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर 15 दिन का समय मांगा था, जिसे जांच एजेंसी ने खारिज कर दिया। गौरतलब है कि इससे पहले 13 टीएमसी विधायकों के बयान सीआईडी ने दर्ज किए हैं।

 

सौगत रॉय का बयान: बीजेपी चला रही ऑपरेशन

हालांकि टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने पार्टी में बगावत की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। उन्होंने बीजेपी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी विधानसभा की तरह लोकसभा और राज्यसभा में भी ऑपरेशन चलाने की कोशिश कर रही है। रॉय ने भरोसा जताया कि ममता बनर्जी ने इससे बड़ी लड़ाइयां लड़ी हैं और वह शानदार वापसी करेंगी।

 

पार्टी में बड़ा फेरबदल

बढ़ते संकट के बीच टीएमसी ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन और डोला सेन को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश टीएमसी का नया अध्यक्ष बनाया गया है। इसे अभिषेक बनर्जी के एकाधिकार को कम करने और सामूहिक नेतृत्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। ममता बनर्जी खुद रविवार को दिल्ली पहुंचेंगी और इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेंगी।

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