कांग्रेस नेता के बेटे का Online Betting नेटवर्क बेनकाब, नागपुर से चलता था पूरा खेल
कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद के बाद सामने आया Online Betting नेटवर्क, नागपुर से संचालित हो रहा था करोड़ों का बेटिंग कारोबार, पुलिस ने 9 आरोपियों को दबोचा
कांग्रेस नेताओं की आपसी लड़ाई ने ऐसा राज खोल दिया जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। शिकायत के बाद जब जांच शुरू हुई तो Online Betting का करोड़ों रुपये का नेटवर्क सामने आया। सेवादल महासचिव के बेटे से लेकर कई राज्यों के ऑपरेटर तक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आखिर कैसे चल रहा था यह पूरा खेल? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
कांग्रेस नेताओं की लड़ाई में फूटा Online Betting कांड, सेवादल महासचिव का बेटा समेत 9 गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में Online Betting के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले का पर्दाफाश किसी पुलिस जांच से नहीं, बल्कि कांग्रेस के दो नेताओं के बीच हुए विवाद के बाद हुआ। कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश महासचिव राजेश गुप्ता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल सिंह के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और गाली-गलौज तक पहुंच गया। इसके बाद अनिल सिंह ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर ऑनलाइन सट्टा कारोबार की जानकारी दी।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
27 मई को पुलिस को शिकायत मिली कि राजेश गुप्ता और उनका पुत्र निशांत कुमार गुप्ता अन्य राज्यों में छिपकर ऑनलाइन सट्टा कारोबार संचालित कर रहे हैं और इस कारोबार से बेनामी संपत्ति अर्जित कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। फिलहाल राजेश गुप्ता फरार बताए जा रहे हैं, जबकि उनके खिलाफ पहले भी नकली नोटों के कारोबार से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं।
निशांत गुप्ता समेत 9 आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने छावनी थाना क्षेत्र के कैंप-2 निवासी निशांत कुमार गुप्ता समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और मऊ जिले के छह युवक तथा बिहार के दो आरोपी भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
नागपुर और विशाखापट्टनम से चलता था Online Betting नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से नागपुर और विशाखापट्टनम जैसे शहरों में रहकर ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग का संचालन कर रहा था। वर्तमान में वह दुर्ग स्थित अपने निवास से भी ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क चला रहा था।
निशांत ने पूछताछ में बताया कि वह C-B Cricket Buzz Betting App और RubyBet जैसे ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म की आईडी संचालित करता था। इसके लिए महाराष्ट्र के नागपुर में किराये का मकान लेकर ऑपरेटरों की टीम तैनात की गई थी।
रोजाना 5 लाख तक का लेन-देन
पुलिस ने नागपुर स्थित किराये के मकान में दबिश देकर आठ ऑपरेटरों को रंगे हाथों पकड़ा। ये लोग ऑनलाइन सट्टे में डिपॉजिट, विड्रॉल, अकाउंट मैनेजमेंट, आईडी संचालन और अन्य तकनीकी कार्य करते थे। इसके बदले उन्हें हर महीने 20 से 25 हजार रुपये वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाती थीं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नेटवर्क के जरिए प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये का ऑनलाइन लेन-देन होता था, जो महीने में लगभग 1.50 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता था।
भारी मात्रा में सोना, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 28 लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने और डायमंड के गहने, 1.52 लाख रुपये नकद, 29 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, बेनामी संपत्तियों और अन्य राज्यों में फैले कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं।
कई धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और टेलीकॉम अधिनियम की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


