राज्यसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, झारखंड के लिए भूपेश बघेल और अजय शर्मा बने पर्यवेक्षक

राज्यसभा चुनाव

आगामी राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व ने झारखंड में चुनावी रणनीति को मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता अजय शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि यह नियुक्ति 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन और विधायकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

उम्मीदवारों की घोषणा में कांग्रेस ने बढ़ाया कदम

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अब तक विभिन्न राज्यों की कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कर्नाटक से अपना नामांकन दाखिल कर चुनावी प्रक्रिया में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया। कांग्रेस ने कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया है। वहीं मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती, राजस्थान से नीरज डांगी और झारखंड से प्रणव झा को टिकट दिया गया है।

18 जून को होगा मतदान, चुनावी प्रक्रिया जारी

राज्यसभा की 24 रिक्त सीटों के अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा की तीन उपचुनाव सीटों के लिए भी चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित है, जबकि 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे और 18 जून को मतदान के बाद उसी दिन शाम को मतगणना की जाएगी।

कर्नाटक में कांग्रेस को तीन सीटों की उम्मीद

कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य के रूप में मल्लिकार्जुन खरगे का कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए कांग्रेस को भरोसा है कि वह राज्य की चार में से तीन सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। राज्यसभा चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली के आधार पर होते हैं, ऐसे में दलों की विधायकों पर पकड़ और राजनीतिक समीकरण बेहद अहम माने जाते हैं।

झारखंड में गठबंधन की राजनीति के बीच कांग्रेस की दावेदारी

झारखंड में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टियों में शामिल है। 81 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 16 विधायक हैं, जिसके आधार पर पार्टी ने गठबंधन में एक राज्यसभा सीट पर अपना दावा मजबूत किया था। इसी रणनीति के तहत प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है।

संगठन मजबूत करने पर भी फोकस

राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ कांग्रेस झारखंड में संगठनात्मक मजबूती पर भी ध्यान दे रही है। हाल ही में पार्टी ने 36 सदस्यीय राजनीतिक मामलों की समिति का गठन किया है। इस समिति में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम सहित कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है। हालांकि कांग्रेस और जेएमएम के बीच गठबंधन मजबूत बना हुआ है, लेकिन भूमि अधिग्रहण, खनन और विस्थापन जैसे मुद्दों पर कांग्रेस अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाए रखने की कोशिश भी कर रही है।

 

Youthwings