निलंबित CEO पहुंचे भूपेश बघेल के दरबार, बोले- ‘मेरे साथ हुई गलत कार्रवाई’
दुर्ग। जन समस्या निवारण शिविर में कथित अभद्र व्यवहार के आरोप में निलंबित किए गए जनपद पंचायत दुर्ग के CEO रूपेश कुमार पाण्डेय का मामला अब राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है। निलंबन आदेश जारी होने के बाद सोमवार को रूपेश कुमार पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि वे मामले को लेकर मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) के समक्ष अपनी बात रखेंगे।
वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई
मामला ग्राम थनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर का है, जहां CEO रूपेश कुमार पाण्डेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में उनके व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए और आरोप लगाया गया कि उन्होंने शिविर में मौजूद लोगों तथा एक भाजपा कार्यकर्ता के साथ अमर्यादित तरीके से बातचीत की। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और मामले की जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए
घटना की जानकारी मिलने पर दुर्ग कलेक्टर द्वारा रिपोर्ट तैयार कर संभाग आयुक्त कार्यालय को भेजी गई। वायरल वीडियो की भी जांच की गई। प्रारंभिक जांच में अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान उनका आचरण अपेक्षित मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था।
नोटिस के जवाब से प्रशासन असंतुष्ट
30 मई 2026 को रूपेश कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। उन्होंने अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन आयुक्त कार्यालय ने उसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और दो दिनों के भीतर निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप
निलंबन आदेश में कहा गया है कि शासकीय सेवकों से सत्यनिष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा और आम नागरिकों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत यह उनकी जिम्मेदारी है। जांच में इन मानकों के उल्लंघन और कदाचार के संकेत मिलने पर संभाग आयुक्त ने नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की।
निलंबन के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे रूपेश पाण्डेय
निलंबित CEO रूपेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने संकेत दिए कि वे पूरे मामले में उच्च अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे और मुख्य सचिव से भी मुलाकात कर न्याय की मांग करेंगे। इस बीच मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने लगी है।
