नार्को टेस्ट से खुलेगा सच? नायब तहसीलदार की खुली चुनौती… अफसरों की कलमबंद हड़ताल से थमा कामकाज
भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच कथित मारपीट मामले में बढ़ा विवाद, राजस्व अधिकारियों की हड़ताल जारी
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस विवाद में नया मोड़ तब आया है जब नायब तहसीलदार ने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। वहीं विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी कहा है कि वे हर प्रकार की निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं।
मारपीट के आरोपों से बढ़ा विवाद
नायब तहसीलदार तुषार मानिक का आरोप है कि विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थक पूर्व नियोजित तरीके से उनके पास पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। उनका कहना है कि विधायक पक्ष ने उनकी बहन के साथ अभद्रता का आरोप लगाया, जबकि ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं हुआ था।
घटना के बाद एसडीएम फागेश सिन्हा ने नायब तहसीलदार को अपनी गाड़ी से सुरक्षित अंबिकापुर पहुंचाया। दूसरी ओर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनकी बहन ने सीतापुर थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
नार्को टेस्ट की मांग से बढ़ी चर्चा
लगातार लग रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच तुषार मानिक ने नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सकेगी और सच का पता लगाया जा सकेगा। इस मांग के बाद मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया है।
गिरफ्तारी नहीं होने पर राजस्व अधिकारियों का आंदोलन
राजस्व अधिकारी संघ का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने 29 मई को सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था और विधायक की गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी के विरोध में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने सामूहिक अवकाश लेकर कलमबंद और कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। संघ का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विधायक का पक्ष
भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी प्रकार की निष्पक्ष जांच का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
मामले के बढ़ते राजनीतिक और प्रशासनिक असर को देखते हुए अब सभी की निगाहें पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के कई काम प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मामले के जल्द समाधान की मांग तेज हो गई है।
