Dongargarh School UDISE Code Controversy: दूसरे स्कूल के UDISE कोड से दिलाई गई बोर्ड परीक्षा? शिकायत के बाद शिक्षा विभाग की जांच शुरू

Dongargarh School UDISE Code Controversy में आदर्श पब्लिक स्कूल पर दूसरे विद्यालय के UDISE कोड का उपयोग कर छात्रों को पांचवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल कराने का आरोप लगा है। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

दूसरे स्कूल के UDISE कोड के उपयोग का आरोप

Dongargarh School UDISE Code Controversy मामले में राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र स्थित ग्राम ढारा के आदर्श पब्लिक स्कूल पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के अनुसार विद्यालय ने अपने विद्यार्थियों को पांचवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल कराने के लिए दूसरे स्कूल के UDISE कोड का कथित तौर पर उपयोग किया।

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और परीक्षा पंजीयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

 

बिना मान्यता संचालन का भी आरोप

Dongargarh School UDISE Code Controversy में शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आदर्श पब्लिक स्कूल पिछले दो वर्षों से बिना वैधानिक अनुमति के संचालित हो रहा है।

बताया गया है कि बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के पंजीयन और परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के लिए मान्यता प्राप्त विद्यालय के UDISE कोड की आवश्यकता होती है। इसी वजह से कथित तौर पर दूसरे विद्यालय का कोड इस्तेमाल किया गया।

 

सरस्वती शिशु मंदिर ने जताई अनभिज्ञता

शिकायत के मुताबिक आदर्श पब्लिक स्कूल ने ग्राम ढारा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के UDISE कोड 22090612802 का उपयोग किया।

Dongargarh School UDISE Code Controversy में सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन का दावा है कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने किसी प्रकार की अनुमति भी नहीं दी थी।

 

अंकसूचियों पर भी उठे सवाल

मामले में जारी अंकसूचियों को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं।

Dongargarh School UDISE Code Controversy के तहत आरोप लगाया गया है कि विद्यार्थियों को दी गई अंकसूचियों में पेन नंबर, APAAR ID, संस्था प्रमुख के हस्ताक्षर और सील-मोहर जैसी आवश्यक जानकारियां मौजूद नहीं हैं।

इससे दस्तावेजों की वैधता और प्रमाणिकता को लेकर संदेह पैदा हो गया है।

 

शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

पूरे मामले ने शिक्षा व्यवस्था और विभागीय निगरानी प्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।

यदि विद्यालय को मान्यता प्राप्त नहीं थी, तो वह दो वर्षों तक कैसे संचालित होता रहा? यदि दूसरे विद्यालय का UDISE कोड उपयोग किया गया, तो विभागीय और ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया में यह गड़बड़ी सामने क्यों नहीं आई?

Dongargarh School UDISE Code Controversy अब बच्चों के भविष्य और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।

 

शिक्षा मंत्री तक पहुंची शिकायत

कार्रवाई में कथित देरी से नाराज सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन ने मामले को जिले के प्रभारी मंत्री और Gajendra Yadav के संज्ञान में पहुंचाया है।

प्राचार्य प्रकाश यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

शिक्षा विभाग ने जांच के दिए निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।

Dongargarh School UDISE Code Controversy में अधिकारियों ने मंगलवार तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। विभाग का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

जांच रिपोर्ट पर टिकी सभी की निगाहें

फिलहाल पूरे मामले में शिक्षा विभाग की जांच जारी है और सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो Dongargarh School UDISE Code Controversy केवल एक स्कूल की अनियमितता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह बच्चों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विभागीय जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

 

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