कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर RSS की प्रतिक्रिया, बोले- ‘भारत का लोकतंत्र हर मत और भावना को स्वीकार करता है’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। संगठन के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र इतना मजबूत है कि वह हर विचार, मत और भावना को अपने भीतर समाहित करने की क्षमता रखता है।
लोकतंत्र में सभी विचारों के लिए स्थान
नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुनील आंबेकर ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से संचालित होती हैं और यहां मीडिया भी स्वतंत्र रूप से काम करता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में विभिन्न प्रकार की राय और चर्चाएं सामने आना स्वाभाविक है और इन्हें सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए।
युवाओं पर भरोसा जताया
आरएसएस नेता ने देश के ‘जेन-Z’ युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 1997 से 2012 के बीच जन्मे यह युवा वर्ग आशावादी है और देश के संवैधानिक ढांचे पर पूरा भरोसा रखता है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की सोच सकारात्मक है और वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
लोकतंत्र की मजबूती पर जोर
आंबेकर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता की शक्ति पर आधारित है और इसमें हर नागरिक की आवाज को जगह देने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल, मीडिया और संस्थाएं सभी मजबूत हैं, इसलिए किसी भी विचार या नई चर्चा से लोकतांत्रिक ढांचे पर कोई खतरा नहीं है।
भारत-पाकिस्तान बातचीत पर भी टिप्पणी
पाकिस्तान के साथ संवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संघ हमेशा से मानता रहा है कि लोगों के बीच बातचीत से समस्याओं का समाधान संभव है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि औपचारिक वार्ता सरकार का राजनीतिक और कूटनीतिक निर्णय होता है।
संवाद को जारी रखने की वकालत
सुनील आंबेकर ने कहा कि जब आधिकारिक स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ पाती, तब भी लोगों के बीच संवाद बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यापार और सामाजिक संपर्क जैसे माध्यमों को जारी रखकर संबंधों को बेहतर किया जा सकता है।
विभाजन पर RSS का रुख
आरएसएस नेता ने यह भी कहा कि संगठन हमेशा भारत के विभाजन का विरोधी रहा है। उनका मानना है कि यदि उस समय संघ अधिक मजबूत स्थिति में होता तो विभाजन को रोका जा सकता था।
