Indore Water Crisis Protest: पानी बचाने के धरने में उड़ाया गया पानी, कांग्रेस प्रदर्शन पर उठे बड़े सवाल

Indore Water Crisis Protest

Indore Water Crisis Protest के दौरान राजवाड़ा में कांग्रेस के धरने में पानी बचाने की मांग के बीच टैंकर से पानी उड़ाने की तस्वीरें सामने आईं। प्रदर्शन को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

 

इंदौर में पानी संकट को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन

Indore Water Crisis Protest के बीच मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस ने राजवाड़ा पर महा संग्राम धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने शहर में बढ़ते जल संकट और पानी सप्लाई की समस्या को लेकर सरकार और नगर निगम को घेरने की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शन के दौरान सामने आई तस्वीरों ने पूरे आंदोलन को विवादों में ला दिया।

धरने में एक तरफ पानी बचाने और जनता को राहत दिलाने की बातें की जा रही थीं, वहीं दूसरी ओर मंच के आसपास खुलेआम पानी उड़ाया जा रहा था। इस घटना के बाद अब कांग्रेस खुद सवालों के घेरे में आ गई है।

 

जीतू पटवारी के निर्देश पर हुआ प्रदर्शन

जानकारी के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। शहर के अलग-अलग वार्डों से कांग्रेस कार्यकर्ता मटके लेकर राजवाड़ा पहुंचे।

इन मटकों पर इंदौर के बीजेपी विधायकों की तस्वीरें लगाई गई थीं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर के जनप्रतिनिधि पानी संकट को लेकर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं और जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

Indore Water Crisis Protest के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

 

धरना स्थल पर उड़ाया गया पानी

धरने के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की हुई, जिसमें नगर निगम के टैंकर से पानी उड़ाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी से राहत देने और नेताओं को ठंडक पहुंचाने के लिए पानी का छिड़काव किया गया।

लेकिन जिस शहर में लोग पानी के लिए परेशान हैं और कई कॉलोनियों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, वहां राजनीतिक मंच पर पानी उड़ाने की तस्वीर लोगों को खटकने लगी।

Indore Water Crisis Protest को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि पानी बचाने की बात करने वाले खुद ही पानी की बर्बादी कैसे कर सकते हैं।

 

धरने में नाच-गाने की तस्वीरें भी आईं सामने

धरना प्रदर्शन के दौरान एक और वीडियो चर्चा में आ गया। मंच के पास ढोलक बजती रही और कुछ लोग उसी धुन पर नाचते दिखाई दिए। मौके पर मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि कुछ लोग नशे की हालत में नजर आए।

पानी संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर हो रहे आंदोलन में इस तरह के दृश्य सामने आने के बाद कांग्रेस के प्रदर्शन की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।

 

राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा दिखा आंदोलन

Indore Water Crisis Protest में राजवाड़ा पर जुटी भीड़ को लेकर भी चर्चाएं तेज रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धरने में आम जनता से ज्यादा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दिखाई दी।

अलग-अलग वार्डों से लोगों को बुलाया गया था, लेकिन पूरा प्रदर्शन जन आंदोलन से ज्यादा शक्ति प्रदर्शन जैसा नजर आया। कई लोगों ने इसे “वीआईपी धरना” तक बताया, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं दिखाई दीं।

 

पानी संकट के बीच बढ़ी राजनीतिक बहस

इंदौर इस समय भीषण जल संकट का सामना कर रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी सप्लाई प्रभावित है और लोग टैंकरों के भरोसे हैं। ऐसे समय में पानी को लेकर राजनीति और प्रदर्शन दोनों चर्चा का विषय बने हुए हैं।

Indore Water Crisis Protest के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या पानी बचाने की मांग करने वाले राजनीतिक दलों को खुद भी जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि यदि शहर में पानी की इतनी कमी है, तो सार्वजनिक मंच पर पानी उड़ाना गलत संदेश देता है।

 

जल संकट पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

कांग्रेस लगातार बीजेपी सरकार और नगर निगम को पानी संकट के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक ड्रामा कर रही है और जनता की समस्याओं को मुद्दा बनाकर राजनीति की जा रही है।

फिलहाल राजवाड़ा पर हुआ यह प्रदर्शन अब पानी संकट से ज्यादा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना है।

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