Purandar Mishra Fraud Case: भाजपा विधायक से ठगी करने वाला आरोपी ओडिशा से गिरफ्तार, खुद को नेता का PA बताकर ऐंठे थे पैसे

Purandar Mishra Fraud Case

Purandar Mishra Fraud Case में रायपुर पुलिस ने भाजपा विधायक से ठगी करने वाले आरोपी को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को भाजपा नेता का PA बताकर पैसे मांगता था।

 

भाजपा विधायक से ठगी मामले में बड़ा खुलासा

Purandar Mishra Fraud Case में रायपुर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रायपुर लाया जा रहा है और पुलिस बुधवार सुबह पूरे मामले का खुलासा कर सकती है।

यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। आरोपी ने खुद को भाजपा के बड़े नेता का निजी सहायक बताकर विधायक से पैसे ऐंठ लिए थे।

 

खुद को भाजपा नेता का PA बताकर मांगे पैसे

जानकारी के मुताबिक आरोपी ने भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा को फोन किया था। उसने खुद को भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पीए बताया। आरोपी ने विधायक को झांसे में लेते हुए कहा कि वह भुवनेश्वर जा रहा है और रास्ते में ड्राइवर से विवाद होने के कारण परेशानी में फंस गया है।

Purandar Mishra Fraud Case में आरोपी ने डीजल भरवाने और तत्काल जरूरत का हवाला देकर पैसों की मांग की। शुरुआत में उसने 4500 रुपए मांगे थे।

 

सोशल मीडिया प्रोफाइल देखकर हुआ भरोसा

बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भाजपा नेताओं के साथ कई तस्वीरें लगा रखी थीं। इनमें नितिन नवीन समेत कई बड़े नेताओं के साथ फोटो शामिल थीं। इसी वजह से विधायक को उस पर आसानी से भरोसा हो गया।

विधायक पुरंदर मिश्रा ने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के जरिए आरोपी के खाते में कुल 10 हजार रुपए ट्रांसफर करवा दिए।

 

दूसरी बार पैसे मांगने पर हुआ शक

Purandar Mishra Fraud Case में करीब डेढ़ घंटे बाद आरोपी ने दोबारा पैसों की मांग की। इसके बाद विधायक पुरंदर मिश्रा को शक हुआ। उन्होंने सोचा कि भुवनेश्वर इतनी जल्दी पहुंचना संभव नहीं है और बार-बार पैसे मांगना संदिग्ध लग रहा है।

इसके बाद विधायक ने सीधे नितिन नवीन के कार्यालय में संपर्क किया और संबंधित व्यक्ति के बारे में जानकारी ली। वहां से पता चला कि उस नाम का कोई व्यक्ति कार्यालय में कार्यरत ही नहीं है।

 

खम्हारडीह थाने में दर्ज हुई FIR

मामले की सच्चाई सामने आने के बाद खम्हारडीह थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन ओडिशा में मिली। इसके बाद रायपुर पुलिस की टीम वहां पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

Purandar Mishra Fraud Case में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इसी तरीके से और कितने लोगों को निशाना बनाया है।

 

सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर करता था ठगी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसे में लेता था। नेताओं के साथ तस्वीरें और राजनीतिक पहचान दिखाकर वह खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताता था।

पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरीके से कई और लोगों से भी ठगी की हो सकती है। फिलहाल उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

 

विधायक ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

Purandar Mishra Fraud Case के बाद विधायक पुरंदर मिश्रा ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर और पैसे मांगने पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर पूरी जानकारी का सत्यापन करना जरूरी है। पुष्टि होने के बाद ही किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन करना चाहिए।

 

पहले भी भाजपा नेता हो चुके हैं निशाना

बता दें कि हाल ही में रायपुर में भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की दूसरी बड़ी घटना भी सामने आई थी। देवेंद्र नगर इलाके में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए थे।

हालांकि उस मामले में पुलिस ने आठ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। अब Purandar Mishra Fraud Case ने एक बार फिर साइबर ठगी और फर्जी पहचान के जरिए अपराध बढ़ने की चिंता बढ़ा दी है।

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