CM की कुर्सी गई, फिर शुरू हुआ ED का एक्शन! पिनाराई विजयन के घर समेत 12 ठिकानों पर रेड
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार तड़के केरल के पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के तिरुवनंतपुरम स्थित किराए के घर समेत राज्यभर में 12 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई। ईडी की टीम ने तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कन्नूर में उन परिसरों की तलाशी ली, जिनका संबंध विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से बताया जा रहा है। एजेंसी इस पूरे मामले में वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।
वीणा विजयन की कंपनी पर फर्जी भुगतान लेने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, CMRL ने वर्ष 2018 से 2019 के बीच वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि यह रकम बिना किसी वास्तविक सेवा के दी गई, जिसे अवैध भुगतान माना जा रहा है। इसी मामले में ईडी ने 2024 में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले की जांच केवल ईडी ही नहीं, बल्कि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) भी कर रहा है।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई कार्रवाई
ईडी की यह कार्रवाई केरल हाई कोर्ट द्वारा CMRL की याचिका खारिज किए जाने के एक दिन बाद सामने आई। कंपनी ने अदालत से ईडी की जांच और कार्रवाई रद्द करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद एजेंसी ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
पुलिस अधिकारियों पर भी गिरी गाज
इसी बीच, पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से जुड़े पांच पुलिसकर्मियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया, जिनमें उनके गनमैन भी शामिल बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एमआर अजित कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई पर विचार कर रही है। उन पर जांच को प्रभावित करने और मामले को कमजोर करने की कोशिश के आरोप लगे हैं।
सत्ता जाने के बाद विपक्ष में पहुंचे विजयन
हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद Pinarayi Vijayan अब केरल विधानसभा में नेता विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। यह पूरा घटनाक्रम उस एसआईटी रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें दिसंबर 2023 की नव केरल यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस और KSU कार्यकर्ताओं पर कथित गैर-कानूनी बल प्रयोग का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
