Petrol Diesel Prices Hike: तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम
Petrol Diesel Prices Hike: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, लगातार चौथी बार बढ़े दामों से लोगों की जेब पर बढ़ा दबाव
Petrol Diesel Prices Hike: महंगाई से परेशान लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। हैरानी की बात ये है कि कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं, फिर भी जनता की जेब पर बोझ क्यों बढ़ रहा है? पूरी खबर पढ़ें।
Petrol Diesel Prices Hike: पेट्रोल-डीजल ने फिर बढ़ाई टेंशन! 10 दिनों में चौथी बार हुआ महंगा, जानें कहां कितनी है कीमत
देशभर में महंगाई पहले से ही आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। रोजमर्रा के खर्चों से लेकर खाने-पीने की चीजें, गैस सिलेंडर, सब्जियां और जरूरी सामान लगातार महंगे होते जा रहे हैं। इसी बीच अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। सोमवार को तेल कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे वाहन चलाने वालों के साथ-साथ परिवहन लागत पर भी असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है।
लगातार बढ़ते तेल के दामों ने अब लोगों के घरेलू बजट पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। खासकर नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी परेशानी का कारण बनती जा रही है।
Petrol Diesel Prices Hike: पेट्रोल और डीजल कितने महंगे हुए?
नई दरों के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके बाद देश के कई बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें नए स्तर पर पहुंच गई हैं।
राजधानी दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल 102.12 रुपये में मिल रहा है, जबकि डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लटर पहुंच गई है।
कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
इन बढ़ी हुई कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने से कई जरूरी चीजों के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं।

10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह कोई एक बार की बढ़ोतरी नहीं है। पिछले 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं।
इससे पहले 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा किया गया था। उससे पहले 19 मई को भी कीमतों में इसी तरह की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं 15 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी।
लगातार हो रही बढ़ोतरी से लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ईंधन के दाम कब स्थिर होंगे।
कच्चे तेल की कीमत घटी, फिर क्यों बढ़ रहे दाम?
दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है और इसमें लगभग 4.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद इसकी कीमत 98.62 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
वहीं WTI क्रूड भी करीब 4.76 प्रतिशत गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम हो रही हैं तो देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी क्यों हो रही है।
फिलहाल तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में महंगाई पर इसका असर और अधिक दिखाई दे सकता है।
