क्या इस बार जल्दी आएगा मानसून? छत्तीसगढ़ में 7–10 जून की बड़ी संभावना
छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम कमजोर होने के बाद प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ने लगा है। पहले जहां बादल और बारिश से राहत मिल रही थी, वहीं अब धूप तेज हो गई है और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
तापमान में उछाल, राहत की उम्मीद कम
मौसम के साफ होते ही प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूप ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। रायपुर में अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस और बिलासपुर में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि हवा में नमी अधिक रहने के कारण लू चलने की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।
रात में बढ़ेगी उमस और बेचैनी
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में हवा में नमी का स्तर और बढ़ सकता है। इसका असर यह होगा कि दिन में गर्मी के साथ-साथ रात के समय भी उमस और बेचैनी बढ़ेगी। गर्म हवाओं के बजाय नमी वाली हवाएं लोगों को अधिक असहज महसूस कराएंगी।
मई के अंत में प्री-मानसून गतिविधियों की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम के कारण मई के अंत तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं जैसी प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इससे तापमान में कुछ गिरावट आने और गर्मी से आंशिक राहत मिलने की संभावना है।
7 से 10 जून के बीच पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई तक केरल तट पर दस्तक दे सकता है। सामान्य गति से आगे बढ़ने पर यह लगभग 15 दिनों में मध्य भारत तक पहुंचता है। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार 7 से 10 जून के बीच मानसून छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है, जो सामान्य तिथि 13 जून से पहले माना जा रहा है।
पिछले साल से बेहतर शुरुआती संकेत
पिछले वर्ष मानसून ने 27 मई को दंतेवाड़ा के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया था, लेकिन सक्रिय होने में समय लगा था। इस बार शुरुआती मौसम संकेत अधिक मजबूत बताए जा रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि मानसून का असर इस बार अपेक्षाकृत तेजी से दिखाई देगा।
