‘ट्रिपल इंजन’ सरकार फेल? डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने निकले नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari
रायपुर में 6 दिनों से कचरा कलेक्शन बंद, बढ़ते संकट के बीच नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari खुद सड़क पर उतरे।
राजधानी रायपुर में सड़कों पर फैले कचरे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। 6 दिनों से बंद सफाई व्यवस्था के बीच नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari खुद कचरा गाड़ी लेकर लोगों के घर पहुंचे। आखिर क्यों फेल हो गई ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार और क्या है रामकी कंपनी विवाद? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
‘ट्रिपल इंजन’ सरकार फेल? 6 दिनों से सड़कों पर कचरा, खुद कचरा गाड़ी लेकर उतरे नेता प्रतिपक्ष
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इन दिनों गंभीर कचरा संकट से जूझ रही है। पिछले 6 दिनों से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह बंद है, जिससे शहर में गंदगी और बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच रायपुर नगर पालिक निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी खुद कचरा गाड़ी लेकर सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
खुद सड़क पर उतरे नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari
आकाश तिवारी ने अपने वार्ड पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 34 में लोगों के सहयोग से घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा किया। उन्होंने कहा कि जनता को इस संकट में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें खुद गाड़ी क्यों न चलानी पड़े।
नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari ने आरोप लगाया कि रायपुर नगर निगम और रामकी कंपनी के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
‘ट्रिपल इंजन’ सरकार पर बड़ा हमला
Akash Tiwari ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रायपुर में 62 पार्षद, 4 विधायक, सांसद, मंत्री और प्रदेश से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
उन्होंने इस स्थिति को ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि महापौर, परिषद, स्थानीय विधायक और सांसद इस गंभीर संकट पर पूरी तरह चुप हैं।
6 दिनों से ठप है कचरा कलेक्शन
रामकी कंपनी द्वारा डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम पिछले 6 दिनों से बंद पड़ा है। शहर के कई इलाकों में सड़कों और मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे लोगों में बीमारी फैलने का डर बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती गंदगी से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
रायपुर नगर निगम और रामकी कंपनी के बीच का गतिरोध अगर जल्द खत्म नहीं हुआ, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
रायपुर, जो छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नगर निगम है, वहां सफाई व्यवस्था का इस तरह चरमराना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
