PWD Payment Dispute: 4.65 करोड़ भुगतान विवाद में मारपीट और कमीशनखोरी के आरोप, CCTV फुटेज आया सामने
PWD Payment Dispute मामले में कांकेर के भानुप्रतापपुर में करोड़ों रुपये के भुगतान, कथित कमीशनखोरी और मारपीट को लेकर विवाद बढ़ गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भानुप्रतापपुर में PWD और ठेकेदार के बीच विवाद ने पकड़ा तूल
PWD Payment Dispute को लेकर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में बड़ा विवाद सामने आया है। लोक निर्माण विभाग यानी PWD से जुड़े करोड़ों रुपये के भुगतान, कथित कमीशनखोरी और कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है।
सड़क निर्माण कंपनी और विभागीय कर्मचारी के बीच शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। मामले में PWD के संभागीय लेखापाल सूरज कुमार ने ठेकेदार पक्ष पर घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
4.65 करोड़ रुपये के भुगतान पर विवाद
जानकारी के अनुसार, अंतागढ़ से नारायणपुर तक सड़क निर्माण कार्य कर रही KLA कंपनी ने PWD विभाग पर करीब 4 करोड़ 65 लाख रुपये का भुगतान रोकने का आरोप लगाया है।
कंपनी संचालक पवन अग्रवाल ने SDOP कार्यालय में शिकायत देकर विभागीय लेखापाल सूरज कुमार पर 10 लाख रुपये कमीशन मांगने का आरोप लगाया है।
PWD Payment Dispute मामले में कंपनी का कहना है कि भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा था। वहीं विभागीय कर्मचारी का दावा है कि फाइल में तकनीकी आपत्तियां थीं और शासन के निर्देशों का पालन नहीं किया गया था।
लेखापाल ने दर्ज कराई मारपीट की शिकायत
PWD भानुप्रतापपुर में पदस्थ संभागीय लेखापाल सूरज कुमार ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से विभाग में कार्यरत हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 7 मई 2026 को फर्म कन्हैया लाल अग्रवाल के पार्टनर नवीन अग्रवाल ने उनके घर की बाउंड्री के अंदर घुसकर गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की।
PWD Payment Dispute शिकायत के अनुसार, आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। सूरज कुमार का कहना है कि विवाद भुगतान को लेकर हुआ था।
कार्यालय में हुई थी भुगतान को लेकर चर्चा
शिकायत के मुताबिक घटना वाले दिन सुबह करीब 11:30 बजे कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप कुमार वर्मा उनके कार्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने सड़क निर्माण कार्य के तीसरे चल देयक के भुगतान की मांग की थी। इस पर सूरज कुमार ने बताया कि संबंधित फाइल और टीप पत्रक पहले ही कार्यपालन अभियंता के पास भेजा जा चुका है।
PWD Payment Dispute मामले में लेखापाल का कहना है कि अंतिम स्वीकृति कार्यपालन अभियंता द्वारा ही दी जानी थी।
घर के बाहर विवाद और मारपीट का आरोप
सूरज कुमार के अनुसार दोपहर करीब 2:18 बजे कंपनी के प्रतिनिधि उन्हें बुलाने पहुंचे। जैसे ही वह घर के नीचे पहुंचे, नवीन अग्रवाल ने भुगतान को लेकर नाराजगी जताई।
लेखापाल का आरोप है कि इसी दौरान उन्हें धक्का देकर थप्पड़ मारा गया, जिससे उन्हें चक्कर आने लगा।
PWD Payment Dispute मामले में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने क्षेत्रीय टिप्पणी करते हुए धमकी दी और डिवीजन में आग लगाने जैसी बातें भी कहीं।

CCTV फुटेज पुलिस को सौंपा गया
सूरज कुमार ने बताया कि पूरी घटना उनके घर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। उन्होंने घटना से जुड़ी फुटेज की पेन ड्राइव और विभागीय नोटशीट की प्रतियां पुलिस को सौंप दी हैं।
पुलिस अब CCTV फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
PWD Payment Dispute मामले में भानुप्रतापपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 332(c) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार पर उठे सवाल
इस पूरे विवाद ने सरकारी भुगतान प्रणाली, सड़क निर्माण कार्यों और कथित कमीशनखोरी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भुगतान रोकने और कमीशन मांगने के आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह मामला बड़े भ्रष्टाचार का रूप ले सकता है।
जांच के दायरे में आ सकता है पूरा नेटवर्क
PWD Payment Dispute मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच केवल मारपीट तक सीमित रहती है या फिर करोड़ों रुपये के भुगतान और कथित भ्रष्टाचार के पहलुओं की भी निष्पक्ष जांच की जाती है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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