Canal Road 2.0: रायपुर में 1300 परिवारों पर बेघर होने का खतरा, निगम कार्यालय का किया घेराव

Canal Road 2.0

Canal Road 2.0 परियोजना को लेकर रायपुर में विरोध तेज हो गया है। गुरुमुख नगर से भाटागांव तक सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ 1300 परिवारों ने नगर निगम का घेराव किया।

कैनाल रोड 2.0 परियोजना को लेकर राजधानी में बढ़ा विरोध

Canal Road 2.0 परियोजना को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। गुरुमुख नगर पचपेड़ी नाका से भाटागांव तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ प्रभावित परिवारों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के नाम पर वर्षों से बसे परिवारों को बेघर करने की तैयारी की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने साफ कहा कि उन्हें 80 फीट की सड़क नहीं चाहिए और वे अपना घर नहीं छोड़ेंगे।

 

कई घरों को तोड़ने की तैयारी

जानकारी के मुताबिक गुरुमुख नगर पचपेड़ी नाका से भाटागांव तक कैनाल रोड बनाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के तहत सड़क को 80 फीट चौड़ा करने का प्रस्ताव रखा गया है।

हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि वहां पहले से करीब 30 फीट जगह उपलब्ध है और इतनी चौड़ी सड़क की जरूरत नहीं है।

Canal Road 2.0 योजना के कारण सड़क के दायरे में आने वाले कई घरों को हटाने की तैयारी की जा रही है। इसी वजह से प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

 

पीड़ित परिवारों ने नगर निगम का किया घेराव

सड़क चौड़ीकरण के विरोध में बड़ी संख्या में लोग नगर निगम पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विस्थापन से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि पिछले 40 वर्षों से यहां बसे परिवारों को बिना उचित प्रक्रिया अपनाए हटाने की कोशिश की जा रही है।

Canal Road 2.0 के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना नोटिस के सर्वे किया जा रहा है और घरों को तोड़ने की तैयारी चल रही है।

 

1300 परिवारों के बेघर होने का दावा

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण की इस योजना से करीब 1300 परिवार प्रभावित होंगे।

लोगों का कहना है कि सड़क के लिए पर्याप्त जगह पहले से मौजूद है, इसके बावजूद 80 फीट चौड़ी सड़क बनाकर बड़ी संख्या में लोगों को बेघर किया जा रहा है।

Canal Road 2.0 को लेकर लोगों ने प्रशासन पर जबरन विस्थापन की कोशिश का आरोप लगाया है।

 

“नहीं चाहिए 80 फीट रोड”

विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें 80 फीट चौड़ी सड़क की जरूरत नहीं है।

प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनका घर और आजीविका दोनों इसी इलाके से जुड़ी हुई है। ऐसे में सड़क परियोजना के नाम पर उन्हें हटाना अन्याय होगा।

Canal Road 2.0 को लेकर लोगों ने चेतावनी दी कि वे अपने घर नहीं छोड़ेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करेंगे।

 

विस्थापन प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक उन्हें विस्थापन से संबंधित स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

लोगों का कहना है कि यदि सड़क परियोजना जरूरी है, तो पहले पुनर्वास और मुआवजे को लेकर स्पष्ट योजना सामने लाई जानी चाहिए।

अब प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

 

प्रशासन की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

फिलहाल नगर निगम या प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

हालांकि सड़क चौड़ीकरण और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

आने वाले दिनों में बढ़ सकता है आंदोलन

Canal Road 2.0 को लेकर विरोध प्रदर्शन के बाद अब यह मामला और ज्यादा गर्माता नजर आ रहा है। प्रभावित परिवारों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

राजधानी रायपुर में सड़क चौड़ीकरण और विस्थापन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन सकता है।

 

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