Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections: फर्जी वोटिंग मामले में 25 विदेशी नागरिक गिरफ्तार, चेन्नई एयरपोर्ट पर पकड़े गए आरोपी

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections मामले में चेन्नई पुलिस ने 25 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए वोट डालने और अवैध रूप से मताधिकार का इस्तेमाल करने का आरोप है।

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections: फर्जी वोटिंग मामले में 25 विदेशी नागरिक गिरफ्तार चेन्नई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार महिलाओं समेत 25 विदेशी नागरिक पकड़े गए।

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections मामले में चेन्नई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं समेत 25 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर फर्जी तरीके से पहचान दस्तावेज हासिल कर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अवैध रूप से वोट डालने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने भारतीय नागरिक न होने के बावजूद मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।

इस मामले में आव्रजन अधिकारियों की शिकायत के बाद ग्रेटर चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय ने जांच शुरू की थी। इसके बाद केंद्रीय अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस इकाइयों ने 7 मई से 14 मई के बीच विभिन्न एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई तेज की।

 

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections मामले में एयरपोर्ट पर पकड़े गए आरोपी

पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के बाद आरोपी देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने संदेह के आधार पर इन लोगों को रोका।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई आरोपियों की तर्जनी उंगलियों पर चुनावी स्याही लगी हुई थी, जो मतदान के बाद लगाई जाती है। इसके बाद अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की और पूरे मामले का खुलासा हुआ।

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections जांच में सामने आया कि इन विदेशी नागरिकों ने तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में निवास कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मतदाता पहचान पत्र हासिल किए थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर गलत पते और नकली पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर मतदान का अधिकार प्राप्त किया।

 

भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद किया मतदान

जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोग भारतीय नागरिक नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेकर मतदान किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

 

गिरफ्तार लोगों में अधिकांश श्रीलंकाई नागरिक

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में सबसे अधिक श्रीलंका के नागरिक हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में 7 लोग श्रीलंकाई नागरिक हैं।

इसके अलावा कुछ आरोपी ब्रिटेन और कनाडा के पासपोर्ट धारक भी बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि ऐसे कई और विदेशी नागरिक अभी भी भारत में मौजूद हो सकते हैं जिन्होंने चुनाव में हिस्सा लिया हो।

अधिकारियों ने बताया कि अब उन सभी विदेशी नागरिकों का डेटा खंगाला जा रहा है जो चुनाव से पहले भारत आए थे और अब तक वापस नहीं लौटे हैं।

 

एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई निगरानी

खुफिया जानकारी मिलने के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने चेन्नई, मदुरै और अन्य हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी थी। इसी दौरान कई संदिग्ध लोगों को रोका गया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

 

चुनाव आयोग को भेजी गई पूरी रिपोर्ट

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Electionsमामले की पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।

वर्ष 2025 में इमिग्रेशन अधिकारियों ने चुनाव आयोग से करीब 100 विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने की सिफारिश की थी। जांच के दौरान यह पाया गया था कि कई विदेशी नागरिकों के पास EPIC यानी मतदाता पहचान पत्र मौजूद थे।

इस साल भी करीब 60 विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची की जांच लगातार जारी है ताकि किसी भी अवैध नाम को हटाया जा सके।

 

राहुल गांधी और विपक्ष पहले भी उठा चुके हैं फर्जी वोटिंग का मुद्दा

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी दल पहले भी भाजपा पर फर्जी वोटिंग और वोट चोरी के आरोप लगाते रहे हैं।

हाल के विधानसभा चुनावों के दौरान राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकी ममता बनर्जी ने भी वोट चोरी के आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार और भाजपा पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए थे।

 

हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव पर भी उठे थे सवाल

राहुल गांधी ने हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान भी वोटिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ जगहों पर विदेशी नागरिकों से वोटिंग करवाई गई।

हालांकि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन आरोपों को केवल राजनीतिक बयान बताते हुए खारिज कर दिया था। आयोग का कहना था कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराई गई थी।

चुनावी प्रक्रिया पर फिर उठे सवाल

Fake Voting in Tamil Nadu Assembly Elections मामले ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सत्यापन प्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी नागरिकों द्वारा कथित तौर पर मतदान करना सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर इन लोगों को फर्जी दस्तावेज कैसे मिले और किस नेटवर्क की मदद से वे मतदाता सूची में शामिल हुए।

फिलहाल पुलिस और आव्रजन विभाग की संयुक्त जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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