किसानों के समर्थन में कांग्रेस का महा-चक्काजाम, NH-52 पर घंटों थमा ट्रैफिक

कांग्रेस का महा-चक्काजाम

शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में किसानों की मांगों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत कांग्रेस और किसान संगठनों ने आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-52) पर बड़ा चक्काजाम किया। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई घंटों तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।

कांग्रेस नेताओं और किसानों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसानों से किए गए चुनावी वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।

गेहूं खरीद को लेकर किसानों में आक्रोश

आंदोलन का मुख्य मुद्दा गेहूं खरीद और किसानों को भुगतान में हो रही देरी रहा। कांग्रेस और किसान संगठनों ने मांग की कि सरकार चुनाव के दौरान किए गए वादे के मुताबिक गेहूं की खरीद 3000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करे।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि समर्थन मूल्य पर खरीद व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। कई खरीद केंद्रों पर बारदाने की कमी के कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं तुलाई में देरी और फसल बेचने के बाद भी भुगतान नहीं मिलने से किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।

किसानों का कहना है कि कई लोग हफ्तों से अपनी उपज का पैसा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इससे खेती और घर-परिवार चलाने में दिक्कतें आ रही हैं।

हाईवे पर लगा लंबा जाम

कांग्रेस के चक्काजाम के चलते आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। बड़ी संख्या में यात्री बसें, निजी वाहन और फल-सब्जियों से भरे ट्रक रास्ते में फंस गए।

तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों तक हाईवे पर फंसे रहे। खासतौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अधिक दिक्कतें हुईं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश करते रहे।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jeetu Patwari ने मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीन पर किसानों को राहत नहीं मिल रही।

उन्होंने कहा कि यदि किसानों को समय पर भुगतान और उचित समर्थन मूल्य नहीं मिला, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही।

भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ी सियासी तकरार

चक्काजाम को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आंदोलन को राजनीतिक स्टंट बताया, वहीं कांग्रेस ने इसे किसानों की आवाज बताया।

एक भाजपा विधायक द्वारा आंदोलनकारियों पर कार्रवाई और प्रकरण दर्ज करने की बात उठाए जाने पर जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ी तो जेल जाने के लिए भी तैयार है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित में संघर्ष जारी रहेगा और सरकार को उनकी मांगें माननी ही होंगी।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। हाईवे के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।

हालांकि कई घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य कराया गया। लेकिन इस आंदोलन ने एक बार फिर प्रदेश में किसानों के मुद्दे और समर्थन मूल्य की राजनीति को केंद्र में ला दिया है।

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