पैकेज्ड वाटर प्लांटों पर छापा, ‘सही दवा-शुद्ध आहार’ अभियान में 7 फर्मों की जांच
बैकुंठपुर/कोरिया। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर जिले में “सही दवा-शुद्ध आहार—यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा पैकेज्ड वाटर प्लांटों पर सख्त जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह विशेष अभियान 27 अप्रैल से शुरू होकर 11 मई तक कुल 15 दिनों तक संचालित किया जा रहा है।
7 पैकेज्ड वाटर फर्मों का औचक निरीक्षण
सोमवार को अभिहित अधिकारी (फूड सेफ्टी) नीलम ठाकुर के नेतृत्व में टीम ने डुमरिया, पटना और बैकुंठपुर क्षेत्र में पैकेज्ड वाटर प्लांटों पर कार्रवाई करते हुए करीब 7 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर निर्माण और विक्रेता फर्मों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने विभिन्न मानकों और दस्तावेजों की गहन जांच की।
इन दस्तावेजों को दुरुस्त रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान फर्म संचालकों को खाद्य अनुज्ञप्ति/पंजीयन को प्रदर्शित करने, मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट, पानी की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट, पैकेजिंग मटेरियल टेस्टिंग, फूड सेफ्टी प्रशिक्षण (FoSTaC) रिपोर्ट, बिल रिकॉर्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।

कई विभागों की संयुक्त टीम कर रही कार्रवाई
इस अभियान के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन के साथ राजस्व और पुलिस विभाग की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो जिलेभर में लगातार पैकेज्ड वाटर प्लांटों पर निरीक्षण कर रही हैं। टीम में नमूना सहायक निधि जायसवाल भी मौजूद रहीं।
मानकों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई
अभिहित अधिकारी नीलम ठाकुर ने बताया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जो भी संचालक नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को मिलावट रहित खाद्य सामग्री और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।

पहले भी कई प्रतिष्ठानों की हो चुकी जांच
इस अभियान के तहत पहले ही चाट-गुपचुप ठेले, गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक्स, आइसक्रीम, जूस सेंटर, बेकरी, होटल-रेस्टोरेंट, स्वीट शॉप्स, मिड-डे मील और अस्पताल कैंटीन की जांच की जा चुकी है। आगे भी आइसक्रीम विक्रेता, कन्फेक्शनरी, ढाबा, फल-सब्जी विक्रेता, बेकरी यूनिट और आइसगोला विक्रेताओं की जांच जारी रहेगी।
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