Raipur Stranger Meetup: न्यूड पार्टी विवाद के बाद फिर हंगामा, रायपुर में ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ पर लगा ब्रेक

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Raipur Stranger Meetup: सोशल मीडिया पर प्रचारित ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ इवेंट पर बवाल, विरोध के बाद पुलिस ने कराया बंद

Raipur Stranger Meetup पार्टी से पहले ही मचा हड़कंप! विरोध, पुलिस एक्शन और विवाद, आखिर क्या था इस ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ का सच? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सोशल मीडिया के जरिए प्रचारित ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अजनबी युवक-युवतियों को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस इवेंट को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। विरोध इतना बढ़ गया कि आखिरकार पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कार्यक्रम को शुरू होने से पहले ही रुकवा दिया गया।

स्थान बदलने के बावजूद नहीं थमा विरोध

जानकारी के मुताबिक, इस ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ का आयोजन पहले कटोरा तालाब स्थित एक कैफे में किया जाना था। लेकिन विरोध की आशंका को देखते हुए आयोजकों ने अंतिम समय में स्थान बदलकर तेलीबांधा इलाके के एक कैफे में कर दिया। इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ और विरोध करने वाले संगठन मौके पर पहुंच गए।

स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और आयोजन स्थल को बंद करवा दिया, जिससे यह कार्यक्रम पूरी तरह रद्द हो गया।

बजरंग दल का विरोध और आरोप

Raipur Stranger Meetup में Bajrang Dal ने कड़ा विरोध जताया। संगठन के नेताओं का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में गलत संदेश देते हैं और इससे युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

बजरंग दल के स्थानीय नेता विजेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि ऐसे आयोजनों से “लव जिहाद” जैसी घटनाओं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को बढ़ावा मिल सकता है, क्योंकि यहां अनजान युवक-युवतियों को मिलवाया जाता है।

पुलिस ने क्यों रुकवाया इवेंट?

रायपुर पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, Raipur Stranger Meetup को लेकर विरोध और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया।

एडीसीपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि सुरक्षा कारणों से कैफे को बंद करवा दिया गया और इवेंट को रद्द कर दिया गया। हालांकि, इस मामले में किसी भी आयोजक के खिलाफ अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, इसलिए कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।

पैसे लेकर कराया जा रहा था रजिस्ट्रेशन

Raipur Stranger Meetup का आयोजन लुधियाना की एक संस्था द्वारा किया जा रहा था, जिसके संचालक वंश मिगलानी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, Raipur Stranger Meetup में शामिल होने के लिए युवाओं से फीस भी ली जा रही थी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए इस कार्यक्रम का प्रचार किया गया था, जिसमें युवाओं को नए लोगों से मिलने और दोस्ती करने का मौका देने का दावा किया गया था।

पहले भी हो चुका है विवाद

गौरतलब है कि रायपुर में इससे पहले भी ‘न्यूड पार्टी’ के नाम पर सोशल मीडिया पर एक बड़ा ठगी नेटवर्क सामने आ चुका है। उस मामले में लोगों को पार्टी के नाम पर पैसे लेकर ठगा गया था।

इसी घटना के बाद से प्रशासन और पुलिस ऐसे आयोजनों को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गई है। यही वजह है कि ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ को लेकर भी तुरंत कार्रवाई की गई।

बड़े शहरों जैसा ट्रेंड, लेकिन विवाद में

दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में इस तरह के ‘मीटअप’ इवेंट आम होते जा रहे हैं, जहां लोग नए लोगों से मिलने और नेटवर्किंग के लिए शामिल होते हैं। लेकिन रायपुर जैसे शहर में इस तरह के कार्यक्रमों को लेकर समाज में अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

कुछ लोग इसे युवाओं के लिए एक अवसर मानते हैं, जबकि कई संगठन इसे सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बताते हैं।

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प्रशासन की पैनी नजर

फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ऐसे आयोजनों पर नजर रखी जाएगी। अगर किसी भी तरह की शिकायत या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया के जरिए होने वाले इस तरह के आयोजनों के लिए स्पष्ट नियम और गाइडलाइंस की जरूरत है।

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