Amit Shah Assam Election Rally 2026: असम में पहली कैबिनेट में लाया जाएगा Uniform Civil Code, अमित शाह ने चुनावी रैली में किया ऐलान
Amit Shah Assam Election Rally: असम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah असम के दौरे पर हैं। मंगलवार को कछार और हैलाकांडी सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हुई चुनावी रैलियों में अमित शाह ने भाजपा की जीत के लिए जनता का समर्थन मांगा और चुनावी एजेंडा पेश किया। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि भाजपा सरकार बनने पर असम में पहली कैबिनेट मीटिंग में Uniform Civil Code (UCC) लाने का फैसला किया जाएगा।
असम में यूसीसी लागू होने के बाद, अमित शाह ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी को भी चार से अधिक विवाह की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू होगा और यह महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ समाज में समानता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने इसे “सभी के लिए एक कानून” बताया और कहा कि यह राज्य की सामाजिक संरचना में संतुलन लाने में मदद करेगा।
Amit Shah Assam Election Rally: राहुल गांधी और ममता बनर्जी पर प्रहार
अमित शाह ने कछार में आयोजित रैली में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा देश से हर घुसपैठिए को बाहर निकालेगी। शाह ने कहा, “हम मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटा रहे हैं। ममता दीदी और राहुल बाबा का पेट दुख रहा है। राहुल बाबा, आप पहले CAA का विरोध करते थे, शरणार्थी बंगाली भाइयों और बहनों को मतदान का अधिकार देने का विरोध करते थे, लेकिन अब घुसपैठियों का स्वागत क्यों कर रहे हैं? क्योंकि वे आपका वोट बैंक हैं। लेकिन भाजपा इस देश से हर एक घुसपैठिए को बाहर निकालेगी।”
शाह ने आगे कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक असम में घुसपैठ को बढ़ावा दिया और बोडो-असमिया और असमिया-बंगाली समुदायों के बीच फूट डालकर अपनी सत्ता बनाए रखी। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद इस क्षेत्र में शांति स्थापित की है और अगले पांच वर्षों में घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की योजना पर काम करेगी।
यह भी पढ़ें: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 जिलों में 3 दिन के लिए इंटरनेट बंद
Amit Shah Assam Election Rally: सिलचर में दूसरा सचिवालय और विकास योजनाएं
अमित शाह ने सिलचर में दूसरा सचिवालय स्थापित करने का वादा भी किया। उनका कहना था कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनने पर यह निर्णय अमली जामा पहनाया जाएगा। उन्होंने एनएच-306 के साथ 565 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर का जिक्र किया, जो शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक पर यातायात की भीड़ को कम करेगा।
शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद असम में पलायन रोका जाएगा, घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पहले पांच वर्षों में भाजपा ने घुसपैठ को रोका, अगले पांच वर्षों में उनकी पहचान की और तीसरे चरण में उन्हें एक-एक करके बाहर निकाला जाएगा।
Assam determined to vote for BJP for security and progress. Speaking at a massive rally in Cachar.
নিৰাপত্তা আৰু উন্নয়নৰ স্বাৰ্থত অসমে বিজেপিৰ পক্ষত ভোটদান কৰিবলৈ দৃঢ় সংকল্পবদ্ধ। কাছাৰত অনুষ্ঠিত এক বিশাল জনসভাত ভাষণ প্ৰদান কৰোঁ।#AkouaEbarBJPSarkar https://t.co/98Kn7wMK1W
— Amit Shah (@AmitShah) April 7, 2026
Amit Shah Assam Election Rally: मतदान की जानकारी
असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। अमित शाह ने जनता से अपील की कि वे भाजपा को वोट दें, ताकि राज्य में घुसपैठियों को हटाने और Uniform Civil Code लागू करने का कार्य सफलतापूर्वक किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह चुनाव किसी व्यक्तिगत उम्मीदवार या मुख्यमंत्री को बनाने का नहीं, बल्कि असम को घुसपैठियों से मुक्त करने और राज्य में स्थायी शांति बनाए रखने का है।
असम में Uniform Civil Code लागू करने का फैसला राज्य की सामाजिक और कानूनी व्यवस्था में बदलाव ला सकता है। अमित शाह ने इसे महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और विवाह-संबंधी कानूनों में समानता सुनिश्चित करने का उपाय बताया। चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में शाह के यह बयान भाजपा के चुनावी रणनीति और एजेंडा को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

भाजपा की योजना है कि UCC लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति चार से अधिक विवाह नहीं कर सकेगा। साथ ही, घुसपैठियों को हटाने के लिए मतदाता सूची से अवैध नाम हटाए जाएंगे। सिलचर में दूसरा सचिवालय और एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं भी राज्य के विकास और प्रशासनिक सुविधाओं को बढ़ाने में मदद करेंगी।
इस प्रकार अमित शाह की रैलियों में उठाए गए मुद्दे, UCC, घुसपैठियों को हटाना, विकास परियोजनाएं, भाजपा के चुनावी एजेंडे का केंद्र बन गए हैं। असम के मतदाता इस बार इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए मतदान करेंगे, और चुनाव परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा को तय करेंगे।
