मनरेगा और महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस का विधानसभा घेराव, सचिन पायलट ने सरकार पर बोला हमला

सचिन पायलट

सचिन पायलट

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने, एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और अन्य जन मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव किया। घेराव से पहले पार्टी के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं के साथ मार्च निकालते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।

“जनता की आवाज बन रही कांग्रेस”

सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस उन लोगों की आवाज उठा रही है, जो अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते। उन्होंने कहा कि धरना और घेराव से सरकार नहीं गिरती, लेकिन जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है और उससे बदलाव संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में जनता की आवाज को दबाया जा रहा है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना जरूरी हो गया है।

मनरेगा और केंद्र सरकार पर निशाना

पायलट ने मनरेगा को लेकर कहा कि इस योजना का करीब 90 प्रतिशत फंड केंद्र सरकार से आता था, लेकिन अब फैसलों को केंद्रीकृत कर दिया गया है और राज्यों की भूमिका सीमित कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नीतियों में बदलाव कर आम लोगों के अधिकारों को कमजोर कर रही है।

महंगाई, गैस और कालाबाजारी का मुद्दा

कांग्रेस नेता ने बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कालाबाजारी बढ़ रही है और गैस की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही।

किसानों और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी उठाए सवाल

सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने कभी किसानों के साथ धोखा नहीं किया, जबकि वर्तमान सरकार की नीतियों से किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को अपने फैसले खुद लेने चाहिए और बाहरी दबाव में नहीं आना चाहिए। पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य में अवैध अफीम की खेती हो रही थी, जिसकी जानकारी सरकार को नहीं थी। इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उजागर किया।

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