छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती: सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी भी शामिल
कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती
छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग द्वारा कुल 700 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिनमें सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद और क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया को लेकर विभाग ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही पदों का विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया गया है। इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए विभाग ने 24 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को विस्तृत जानकारी के साथ प्रस्ताव भेज दिया है।
कई विषयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों के सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी। हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र और प्राणीशास्त्र विषयों में 50-50 पदों पर भर्ती होगी।
इसके अलावा अर्थशास्त्र, इतिहास और भूगोल विषयों में 25-25 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कम्प्यूटर एप्लीकेशन में 15 पद, वाणिज्य में 75 पद और विधि विषय में 10 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। इनके साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों पर भी नियुक्ति की जाएगी। इस तरह कुल मिलाकर 700 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सीजीपीएससी को भेजा गया विज्ञापन प्रारूप
उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को भेज दिए हैं। इसमें पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा का पाठ्यक्रम और विज्ञापन का प्रारूप शामिल है। अब आयोग प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी करेगा। इसके बाद योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

शिक्षण व्यवस्था को मिलेगा मजबूत आधार
इन पदों पर नियुक्ति होने से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से कई कॉलेजों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है, जिसके कारण पढ़ाई प्रभावित होती रही है। नई नियुक्तियों के बाद विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वर्तमान में अतिथि प्राध्यापक संभाल रहे जिम्मेदारी
वर्तमान में राज्य के कई शासकीय महाविद्यालयों में नियमित शिक्षकों की कमी के कारण अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई है। विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापक नियुक्त किए जाते हैं, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक और प्राध्यापक के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है।
बताया गया कि विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएचडी डिग्रीधारी हैं और उन्होंने नेट या सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाएं भी उत्तीर्ण की हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में योगदान दे रहे हैं।
