किन्नर के लिए पत्नी को छोड़ा: गुजारा भत्ता से पत्नी ने किया इंकार, जानिए
Raipur। महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से राज्य महिला आयोग ने रायपुर संभाग के पांच जिलों के लिए महा जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई में कुल 292 प्रकरण सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया।
जनसुनवाई में Balodabazar, Dhamtari, Mahasamund, Gariaband और Raipur जिलों के मामले शामिल थे। इनमें बलौदाबाजार के 43 में से 16, धमतरी के 12 में से 7, रायपुर के 199 में से 115, महासमुंद के 23 में से 6 और गरियाबंद के 15 में से 4 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। सुनवाई में कुल 62 पक्षकारों ने पंजीयन कराया था, जबकि कई पक्षकार अनुपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया, जिसमें एक महिला ने शिकायत की कि उसके पति के एक किन्नर के साथ अवैध संबंध हैं, जिससे उसका पारिवारिक जीवन प्रभावित हुआ है। महिला आयोग ने मामले की अगली सुनवाई में पति और दूसरे पक्ष को उपस्थित करने के लिए Mungeli के एसपी को निर्देश दिए हैं।
एक अन्य मामले में एक विधवा बहू और उसके सास-ससुर तथा ननद के बीच घरेलू विवाद का मामला सामने आया। दोनों पक्ष एक ही मकान में रहते हैं, जिससे अक्सर विवाद होता रहता है। चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए आयोग ने प्रोटेक्शन ऑफिसर नियुक्त कर एक वर्ष तक दोनों पक्षों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान एक पंचायत सचिव से जुड़ा मामला भी सामने आया, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने की बात कही। वहीं एक मामले में मां और बेटे के बीच संपत्ति विवाद में आयोग ने महिला को मकान में आजीवन रहने का अधिकार बताते हुए नगर पालिका में संयुक्त हिस्सेदारी दर्ज कराने की सलाह दी।
एक अन्य मामले में महिला ने अपने पति पर दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध और मारपीट का आरोप लगाया। मामले में व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट को साक्ष्य के रूप में रखा गया। आयोग ने संबंधित अधिकारी को कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए मामले में आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा एक मामले में तांत्रिक द्वारा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल करने की शिकायत सामने आई, जिससे महिला की सामाजिक छवि प्रभावित हुई। आयोग ने इस मामले में मानहानि का केस दर्ज कराने की सलाह दी। संबंधित लोगों ने आयोग के सामने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी हरकत नहीं करने का आश्वासन दिया।
