Abrar Ahmed Controversy: IPL में 18 साल से बाहर ये पाकिस्तानी खिलाड़ी… फिर भी काव्या मारन की टीम ने क्यों खरीदा? इंटरनेट पर बवाल, उठे सवाल
Abrar Ahmed Controversy: इंग्लैंड की 100 गेंदों वाली लीग The Hundred के ऑक्शन में एक ऐसा फैसला सामने आया जिसने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी। भारतीय स्वामित्व वाली टीम Sunrisers Leeds ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर Abrar Ahmed को 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में अपनी टीम में शामिल किया।
क्रिकेटिंग नजरिए से यह टीम की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन भारत में इस फैसले को केवल खेल के दृष्टिकोण से नहीं देखा गया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई।
भारत-पाक क्रिकेट का संवेदनशील इतिहास
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट हमेशा से भावनाओं से जुड़ा रहा है। राजनीतिक तनाव के कारण दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज कई सालों से नहीं खेली जा रही है।
दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग Indian Premier League के पहले सीजन 2008 में कई पाकिस्तानी खिलाड़ी खेले थे। उस समय Shahid Afridi, Shoaib Akhtar और Sohail Tanvir जैसे खिलाड़ी अलग-अलग टीमों का हिस्सा बने थे।
हालांकि उसी साल के बाद राजनीतिक हालात बदलने के कारण पाकिस्तानी खिलाड़ियों को IPL ऑक्शन में शामिल नहीं किया गया।
सन ग्रुप की फ्रेंचाइजी का बैकग्राउंड
जिस टीम ने अबरार अहमद को खरीदा है, वह पहले Northern Superchargers के नाम से जानी जाती थी। बाद में भारतीय मीडिया कंपनी Sun Group ने इसके मालिकाना अधिकार हासिल कर लिए और टीम का नाम बदलकर Sunrisers Leeds कर दिया।
इस समूह के पास पहले से Sunrisers Hyderabad और Sunrisers Eastern Cape जैसी टीमें भी हैं।
क्यों चुने गए अबरार अहमद
क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक अबरार अहमद अपनी मिस्ट्री स्पिन और अलग-अलग गेंदबाजी वैरिएशन के लिए जाने जाते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में ऐसे गेंदबाज अक्सर बल्लेबाजों के लिए मुश्किल साबित होते हैं।
टीम प्रबंधन का मानना था कि मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने की उनकी क्षमता टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए कि जब IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह नहीं मिलती, तो भारतीय मालिक वाली टीम किसी दूसरी लीग में उन्हें क्यों साइन कर रही है।
हालांकि Rajeev Shukla ने इस विवाद पर कहा कि यह मामला IPL या Board of Control for Cricket in India के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, क्योंकि यह एक विदेशी लीग से जुड़ा फैसला है।
