छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठा गौवंशीय पशुओं के गर्भाधान का मुद्दा, अलसी बीज घोटाले पर भी घिरी सरकार

छत्तीसगढ़ विधानसभा

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छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन को अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की पूर्व सदस्य मंगलीबाई रावटे के निधन की जानकारी दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित सदन के सभी सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।

प्रश्नकाल में उठा गौवंशीय पशुओं के गर्भाधान का मुद्दा

विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में गौवंशीय पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान और उनकी संख्या का मुद्दा जोर-शोर से उठा। सदस्यों ने प्रदेश में गौवंशीय पशुओं की संख्या और उनके संवर्धन को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। इस पर जवाब देते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में गौवंशीय पशुओं की संख्या 99.84 लाख है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है और पशुधन को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश के दूध उत्पादन को राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है।

योजना की राशि सरेंडर होने पर विपक्ष के सवाल

विधानसभा में योजनाओं की राशि सरेंडर होने का मामला भी उठा। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल करते हुए सरकार से जवाब मांगा। इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसी योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने की स्थिति में उसे बंद करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि योजना बंद होने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

रायगढ़ में अलसी बीज वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप

विधानसभा में रायगढ़ जिले में अलसी बीज वितरण में कथित भ्रष्टाचार का मामला भी जोर-शोर से उठा। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि बीज निगम ने अपने चहेते ठेकेदार से बीज खरीदकर भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजों की ग्रेडिंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और यहां तक कि छननी तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या इस मामले में बीज निगम के एमडी और बीज प्रमाणीकरण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने दिए जांच और कार्रवाई के संकेत

इन आरोपों पर जवाब देते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारी से पूरे मामले का परीक्षण कराया जाएगा और यदि कोई अधिकारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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