छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हंगामा: गैस आपूर्ति, सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे कई सवाल

छत्तीसगढ़ विधानसभा

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल की कार्रवाई शुरू होते ही विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। सदन में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क दुर्घटनाओं, कौशल उन्नयन और गैस आपूर्ति जैसे विषयों पर विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा। कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

CM ग्राम सड़क योजना पर उठा सवाल

विधायक किरण देव ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एलेंगनार-उरकापाल-कांदानार सड़क निर्माण का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने बिना सर्वे के टेंडर जारी किए जाने पर आपत्ति जताई। इस पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की जगह मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि यह क्षेत्र संवेदनशील है और यहां डीएमएफ (DMF) मद से भी कार्यों की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में अर्थवर्क समेत अन्य कार्य किए गए हैं और सड़क निर्माण का काम एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

अकलतरा में सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता

विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने अकलतरा क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जो गंभीर चिंता का विषय है। इस पर संबंधित मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस मामले पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

कोंडागांव के स्वास्थ्य केंद्रों पर सवाल

विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और स्टाफ व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कोंडागांव जिले में 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 137 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।

भुगतान में देरी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को घेरा

लता उसेंडी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों के भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछली बार एक माह में भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 9 महीने बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इस पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि वर्क ऑर्डर के बाद किए गए कार्यों का ही भुगतान किया जाएगा। यदि किसी कार्य के लिए मौखिक अनुमति पर काम हुआ है तो उसे कार्योत्तर स्वीकृति देकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

लता उसेंडी ने गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की। विधायक को गलत जवाब दिए जाने पर विपक्षी विधायकों ने नाराजगी जताई और सरकार पर सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।

अस्पताल कर्मचारियों के अटैचमेंट पर बड़ी घोषणा

भाजपा विधायक प्रबोध मिंज के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में कर्मचारियों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को रद्द किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों के कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर ही कार्य करना होगा।

कौशल उन्नयन नीति पर भी उठा सवाल

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने राज्य में कौशल उन्नयन नीति बनाने का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नए ट्रेड का चयन, स्किल्ड संस्थानों का आवासीय होना और भर्ती प्रक्रिया की निगरानी बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारत सरकार की नीतियों से भी मदद ली जा सकती है। इस पर विभागीय मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने आश्वासन दिया कि इस दिशा में सरकार गंभीरता से काम करेगी।

गैस आपूर्ति और मूल्यवृद्धि पर स्थगन प्रस्ताव

सदन में गैस आपूर्ति और मूल्यवृद्धि के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव भी लाया गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि पूरे प्रदेश में गैस को लेकर अफरातफरी की स्थिति बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि संकट नहीं है, जबकि प्रदेश में गैस की कमी हो रही है।

सदन में तीखी बहस और हंगामा

स्थगन प्रस्ताव पेश होते ही विधायक अजय चंद्राकर ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि यह केंद्र सरकार का विषय है। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे प्रदेश में लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है और कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब व्यवस्था राज्य को करनी है तो इस विषय पर सदन में चर्चा क्यों नहीं होगी।

हंगामे के बीच सदन की कार्रवाई स्थगित

भूपेश बघेल के बयान के बाद सदन में फिर से हंगामा बढ़ गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। भारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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