छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: किसान, महिला, युवा और आदिवासी हर वर्ग के लिए बड़ी घोषणाएं

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार, 24 फरवरी को वित्त मंत्री OP Chaudhary ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट भाषण की शुरुआत उन्होंने भावनात्मक पंक्तियों—“मैं छत्तीसगढ़ की माटी से तिलक लगाकर आया हूं”—के साथ की और इस वर्ष के बजट का थीम “संकल्प” बताया। उन्होंने कहा कि Vishnu Deo Sai सरकार का यह बजट प्रदेश को समावेशी और टिकाऊ विकास की राह पर आगे ले जाने का स्पष्ट संकल्प है। इस बार राज्य के बजट का कुल आकार ₹1 लाख 72 हजार करोड़ रखा गया है।

‘संकल्प’ का अर्थ और सरकार की सोच

वित्त मंत्री ने ‘संकल्प’ को केवल एक शब्द नहीं, बल्कि शासन की दिशा बताया। इसके हर अक्षर के पीछे सरकार की प्राथमिकताएं जुड़ी हैं—
S: समावेशी विकास, A: अधोसंरचना विकास, N: निवेश, K: कुशल मानव संसाधन, A: अंत्योदय, L: लाइवलीहुड और P: पॉलिसी से परिणाम तक। उन्होंने कहा कि यही ढांचा छत्तीसगढ़ को विजन 2047 के लक्ष्यों तक पहुंचाएगा।

पांच नए मिशन: विकास को मिलेगी गति

बजट में सरकार ने विकास को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के लिए पांच नई पहलों की घोषणा की। इनमें एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन शामिल हैं। इन मिशनों के जरिए तकनीक, रोजगार, खेल और बुनियादी ढांचे में एक साथ प्रगति का लक्ष्य रखा गया है।

बस्तर में शिक्षा की बड़ी पहल

नक्सल प्रभावित अंचलों में शिक्षा को मजबूती देने के लिए बस्तर के Abujhmadh और Jagargunda में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, बस्तर के सुदूर इलाकों में बस संचालन के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे आवागमन आसान होगा।

बस्तर और सरगुजा: पर्यटन व आजीविका का विस्तार

वित्त मंत्री ने बताया कि बस्तर को टूरिस्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। नई टूरिज्म पॉलिसी का सबसे अधिक लाभ बस्तर और सरगुजा को मिलेगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, मैनपाट के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
रोजगार सृजन के लिए एलाइड सेक्टर पर फोकस करते हुए राइस मिल, पोल्ट्री फार्म और वनोपज प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। साथ ही, बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण की राशि बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये कर दी गई है।

इंद्रावती नदी से सिंचाई को मजबूती

कृषि क्षेत्र के लिए बड़ा फैसला लेते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि Indravati River के जल का बेहतर उपयोग अब संभव होगा। इसके लिए 68 किलोमीटर लंबी नहर को स्वीकृति दी गई है, जिससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

नारी शक्ति को आर्थिक संबल

सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए महतारी वंदन योजना के लिए ₹8,200 करोड़ का प्रावधान किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि अब तक 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किस्तों में ₹14,000 करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है। यह योजना महिलाओं को सामाजिक सम्मान के साथ आर्थिक पहचान देने का माध्यम बनी है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज

बजट में राज्य के शासकीय कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की गई है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले जेब से खर्च नहीं करना होगा, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

ग्रामीण विकास, आवास और शिक्षा पर निवेश

मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के लिए 100 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 4,000 करोड़ रुपये और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के पहले चरण में 150 स्कूलों को उत्कृष्ट बनाया जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

किसानों और मजदूरों के लिए मजबूत सहारा

वित्त मंत्री ने किसानों और मजदूरों के कल्याण को बजट की प्राथमिकता बताया। किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए ₹600 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि कृषक उन्नति योजना के तहत ₹10,000 करोड़ का बजट रखा गया है। सरकार का मानना है कि कृषि और श्रमिक वर्ग की मजबूती से ही छत्तीसगढ़ की समग्र प्रगति संभव है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 “संकल्प” के जरिए शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, कृषि और सामाजिक सुरक्षा को एक सूत्र में पिरोता है। बस्तर जैसे दूरस्थ अंचलों से लेकर पूरे प्रदेश तक, यह बजट संतुलित और समावेशी विकास की स्पष्ट दिशा तय करता नजर आ रहा है।

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