Nipah Virus: कोविड से कई गुना ज्यादा घातक है निपाह वायरस, भारत में मरीजों के मिलने से घबराई दुनिया, जानें कैसे फैलता हैं?

Nipah Virus: भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (NiV) से संक्रमित दो मरीज मिलने से दुनिया में हड़कंप मच गया है। चीन, पाकिस्तान, थाईलैंड, सिंगापुर से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक में अलर्ट जारी किया गया है। कई देशों ने एयरपोर्ट पर हेल्थ स्क्रीनिंग को सख्त कर दिया है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल में दो मरीज संक्रमित पाए गए थे। उसके बाद उनके संपर्क में आए 196 लोगों का टेस्ट किया गया, लेकिन सभी में संक्रमण निगेटिव मिला। भारत ने स्थिति पर लगातार नजर रखने का आश्वासन दिया है।

ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने शुक्रवार को कहा कि सरकार एशिया में निपाह वायरस के फैलने पर करीब से नजर रख रही है। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया में कभी निपाह वायरस नहीं पाया गया, लेकिन भारत में दिसंबर में मिले दो मामलों के बाद स्थिति को गंभीरता से ले रहे हैं।” भारतीय अधिकारियों ने बताया कि वायरस के फैलाव पर काबू पा लिया गया है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया सतर्क है।

इंडोनेशिया में अधिकारियों ने गुरुवार को बाली के आई गुस्ती नगुराह राय इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विदेशी यात्रियों की कड़ी निगरानी शुरू कर दी है, जो ऑस्ट्रेलियाई पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य है।

निपाह वायरस क्या है?

निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है। इंसान से इंसान में फैलने का खतरा न्यूनतम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने महामारी फैलने की क्षमता और गंभीरता के कारण इसे प्राथमिक पैथोजन की लिस्ट में शामिल किया है। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर काजा अब्बास ने कहा कि यह सांस और न्यूरोलॉजिकल बीमारी पैदा करता है, जो बुखार, सिरदर्द से शुरू होकर एक्यूट एन्सेफलाइटिस (दिमाग की सूजन) तक पहुंच सकती है।

लक्षण और खतरा

निपाह वायरस के लक्षण 24 से 48 घंटे में दिखते हैं। संक्रमण बढ़ने पर मरीज कोमा में जा सकता है। मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है। वायरस का बेसिक रिप्रोडक्शन नंबर एक से कम है, इसलिए बड़े पैमाने पर महामारी की संभावना कम है।

निपाह वायरस का इतिहास

निपाह वायरस सबसे पहले 1998 में मलेशिया और सिंगापुर में पाया गया था। मलेशिया में सुअर पालने वाले किसानों से फैला। 1999 में मलेशिया से सिंगापुर पहुंचा। 1999 के बाद इन देशों में कोई नया मामला नहीं। 2001 में भारत और बांग्लादेश में पहला आउटब्रेक हुआ। बांग्लादेश में 2001 से हर साल मामले आते हैं। 2014 में फिलीपींस में घोड़ों का मांस खाने से फैला।

भारत में निपाह वायरस

WHO के अनुसार, भारत में पहला मामला 2001 में सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में हुआ था। 2007 में पश्चिम बंगाल में और मामले दर्ज हुए। 2018 में केरल में दर्जनों मौतें हुईं। भारत में चमगादड़ की लार, पेशाब और दूषित फलों से फैलाव होता है। बांग्लादेश में दूषित ताड़ का रस मुख्य वजह है। सिलीगुड़ी आउटब्रेक एक हेल्थकेयर सेंटर में हुआ, जहां 75 प्रतिशत मामले स्टाफ या विजिटर के थे।

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