मरीन ड्राइव आने वालों से अब लिया जाएगा पार्किंग शुल्क, लोग बोले- फुटपाथ पर पैसा वसूलेंगे?
रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) में नगर निगम के एक फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया है। तालाब के पाथवे (फुटपाथ) को पार्किंग स्थल घोषित कर शुल्क वसूलने का निर्णय लिया गया है, जिससे मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वाले लोग भड़क गए हैं।
नगर निगम द्वारा जारी नए नियम के अनुसार, चार पहिया वाहनों के लिए 4 घंटे का पार्किंग शुल्क 20 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 12 घंटे का शुल्क 10 रुपये है।
इस फैसले के बाद फुटपाथ पर वाहन खड़े करने की अनुमति दी गई है, जिसे लेकर विरोध शुरू हो गया है। तेलीबांधा तालाब परिसर में बैनर लगाए गए हैं, जिनमें नगर निगम की इस नीति की आलोचना की गई है।
वॉकर्स का गुस्सा
मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वाले लोगों ने कहा, “नगर निगम के अधिकारी क्या इतने मूर्ख हैं जो फुटपाथ का पार्किंग शुल्क वसूलेंगे? पहले भी यही हरकत की गई थी, जिसे विरोध के बाद वापस लिया गया था। अब क्या मॉर्निंग वॉक करने वालों से पैसा वसूला जाएगा? यह पार्किंग नहीं, फुटपाथ है।”
नगर निगम कमिश्नर का जवाब
जब इस पूरे मामले पर नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप से बात की, तो उन्होंने कहा, “मुझे इसकी जानकारी नहीं है।”
पहले भी हुआ था विरोध
बता दें कि जुलाई 2021 में भी नगर निगम ने तेलीबांधा तालाब घूमने आने वाले लोगों से पार्किंग चार्ज वसूलने का आदेश जारी किया था। उस समय भी भारी विरोध हुआ था और तत्कालीन महापौर एजाज ढेबर ने आदेश वापस ले लिया था। अब फिर वही फैसला दोहराया गया है, जिससे लोगों में पुरानी यादें ताजा हो गई हैं।

स्थानीय निवासी और नियमित वॉकर्स ने नगर निगम से तत्काल इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि तालाब का पाथवे वॉकिंग और व्यायाम के लिए है, पार्किंग के लिए नहीं। यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो आगे बड़े विरोध की चेतावनी भी दी जा रही है।
यह मामला अब शहर की सुविधाओं और नागरिकों के अधिकारों को लेकर एक नया विवाद बनता दिख रहा है। नगर निगम की ओर से अभी कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं हुआ है।
