कमिश्नरी व्यवस्था में पहली बड़ी कार्रवाई, महिला प्रधान आरक्षक निलंबित, आरोपी पक्ष से लेन-देन का आरोप

रायपुर। रायपुर वेस्ट पुलिस कमिश्नरी में दो अलग-अलग मामलों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है। डीसीपी संदीप पटेल ने कबीरनगर थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक चंद्रकला साहू (क्रमांक 1507) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, गंज थाने में अवैध वसूली और मारपीट के आरोप में सिपाही केशव सिन्हा को लाइन अटैच किया गया है।

 

महिला प्रधान आरक्षक पर गंभीर आरोप

कबीरनगर थाने में 16-17 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले की विवेचना कर रही प्रधान आरक्षक चंद्रकला साहू पर आरोपी पक्ष से लेन-देन कर पीड़ित परिवार को परेशान करने का आरोप लगा। शिकायत मिलने के बाद प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। डीसीपी संदीप पटेल ने निलंबन आदेश में उल्लेख किया है कि धारा 137(2), 67, 64(2) बीएनएस एवं 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण की जांच के दौरान प्रधान आरक्षक ने स्वेच्छाधारिता और संदिग्ध आचरण प्रदर्शित किया। यह कृत्य पुलिस आचरण के विपरीत पाया गया।

 

निलंबन के बाद प्रधान आरक्षक को रक्षित केंद्र संबद्ध कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।

डीसीपी संदीप पटेल ने कहा, “इस तरह की लापरवाही और कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है।”

 

गंज थाने में सिपाही लाइन अटैच

दूसरे मामले में गंज थाना क्षेत्र में छोटे कारोबारियों से मारपीट और अवैध वसूली की शिकायत पर महिला-पुरुषों की भीड़ थाने पहुंच गई। आरोप है कि सिपाही केशव सिन्हा ने कारोबारियों से गाली-गलौज की, सामान जब्त किया और लॉकअप में बंद करने की धमकी देकर वसूली की। शिकायत पुलिस कमिश्नर तक पहुंचते ही एडिशनल डीसीपी ने तत्काल संज्ञान लिया और सिपाही केशव सिन्हा को थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया।

 

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था और पुलिस की छवि को बनाए रखने के लिए ऐसी किसी भी लापरवाही या दुराचरण पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। दोनों मामलों में जांच जारी है और दोष सिद्ध होने पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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