शहर में डर का साया: पिटबुल और आवारा कुत्तों से रायपुरवासी परेशान, नगर निगम आयुक्त को पत्र
रायपुर। राजधानी रायपुर में पिटबुल नस्ल के कुत्तों और आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिटबुल पर पहले से प्रतिबंध होने के बावजूद कई लोग इसे अवैध रूप से पाल रहे हैं, जिससे डिलीवरी बॉय, युवक, बच्चे, महिलाएं और बुजुर्गों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय निवासी दीप्ति प्रमोद दुबे ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पिटबुल कुत्तों पर सख्त कार्रवाई
अनुपम नगर सहित कई इलाकों में पिटबुल ने युवकों, डिलीवरी बॉय और अन्य लोगों पर हमले किए हैं। कुछ मामलों में एक ही कुत्ता बार-बार हमला कर चुका है, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल नाममात्र की कार्रवाई हो रही है। प्रतिबंधित नस्ल के पालकों के खिलाफ तत्काल जब्ती और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
हर वार्ड में 20-25 हमले रोजाना
दीप्ति दुबे ने आरोप लगाया कि हर दिन हर वार्ड में औसतन 20 से 25 लोगों पर कुत्तों का हमला हो रहा है। इससे आम नागरिकों में भय का माहौल है।
पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों के शौच की समस्या
लोग अपने पालतू कुत्तों को उद्यानों और गार्डनों में शौच कराने ले जाते हैं, जिससे बदबू और अस्वच्छता फैल रही है। मांग की गई है कि कुत्ता पालने वालों के लिए साफ-सफाई के सख्त नियम जारी किए जाएं और उनकी जिम्मेदारी तय की जाए, न कि निगम या कॉलोनी वालों पर छोड़ दिया जाए।
उद्यानों में सुरक्षा व्यवस्था
ऑक्सीजोन पार्क सहित अन्य प्रमुख उद्यानों में सांड और आवारा कुत्तों की अधिकता से मॉर्निंग-इवनिंग वॉक करने वाले बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं डर में जी रहे हैं। हाल ही में हुई सांड अटैक घटना इसका उदाहरण है। पार्कों में विधिवत गार्ड नियुक्त करने और आवारा जानवरों को हटाने की मांग की गई है।
दीप्ति प्रमोद दुबे ने आयुक्त से तत्काल संज्ञान लेकर इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थानीय निवासी सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे।
