BSP प्रबंधन के खिलाफ जारी रहेगा सत्याग्रह, देवेंद्र यादव ने कहा– जब तक बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज से चर्चा नहीं होगी उपवास नहीं तोड़ेंगे
दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन की बढ़ती मुश्किलों के बीच भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव का सत्याग्रह तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों और अधिकारियों के हक तथा शहर की बसाहट को बचाने के लिए शुरू किया गया यह अनशन डायरेक्टर इन चार्ज (डीआईसी) से चर्चा होने तक खत्म नहीं करने का विधायक ने ऐलान किया है।
सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने पहले ही बीएसपी कर्मचारियों की समस्याओं को ठीक करने और रिटेंशन स्कीम के फैसले को बदलने के लिए 10 दिनों का समय दिया था। अब विधायक देवेंद्र यादव ने बीएसपी प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
प्रबंधन प्रतिनिधिमंडल से बातचीत, लेकिन अनशन जारी
सोमवार को बीएसपी की ओर से आए प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद विधायक यादव ने कहा कि जब तक डायरेक्टर इन चार्ज से सीधी चर्चा नहीं होगी, वे उपवास नहीं तोड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका झगड़ा प्रबंधन से नहीं, बल्कि उनकी बनाई गई नीतियों से है। डीआईसी का हाल में ऑपरेशन हुआ है, इसलिए कुछ दिनों तक मुलाकात संभव नहीं है, लेकिन तब तक अनशन जारी रहेगा।
सुबह 11 बजे बीएसपी अधिकारी, एसडीएम हितेश पिस्दा और सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे। चर्चा का समय शाम 4 बजे तय हुआ। शाम को इस्पात भवन से जीएम अतुल नौटीयाल और आईआर से जीएम जेएन ठाकुर पहुंचे, लेकिन विधायक ने उन्हें वापस लौटा दिया।
बढ़ता जन समर्थन, राहुल गांधी को दी जाएगी जानकारी
सत्याग्रह को युवा कांग्रेस और विभिन्न सेक्टरों से महिलाओं सहित बड़ा समर्थन मिल रहा है। विधायक ने कहा कि भिलाई को बिकने से बचाने के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी। इस मुद्दे की जानकारी कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी दी जाएगी।
मुख्य मुद्दे रिटेंशन स्कीम में बदलाव, निजीकरण की आशंका, सेक्टर-9 अस्पताल, आवास, लीज नवीनीकरण, न्यूनतम वेतन और बकाया एरियर आदि हैं। विधायक का कहना है कि प्रबंधन की नीतियां शहर की बसाहट और कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं।
