कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, सात जिलों में छापेमारी, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज जब्त
श्रीनगर, 28 नवंबर 2025। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को कश्मीर संभाग के सात जिलों में प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JeI) के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुई यह कार्रवाई आतंकवादी इकोसिस्टम को नेस्तनाबूद करने और युवाओं में कट्टरपंथीकरण रोकने के उद्देश्य से की गई। पुलिस ने दर्जनों घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों की तलाशी ली, जिसमें से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, किताबें, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।
सात जिलों में समन्वित छापे: JeI सदस्यों और संस्थानों पर फोकस
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, बडगाम और कुपवाड़ा जिलों में JeI से जुड़े लोगों, उनके सहयोगियों के घरों और संस्थानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे गए। यह अभियान हाल के आतंकी घटनाक्रम और JeI की गुप्त गतिविधियों को पुनर्जीवित करने की कोशिशों के खिलाफ है। पुलिस ने कहा कि ये कार्रवाइयां राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हैं।
श्रीनगर: छानपोरा के उमर सुल्तान गुरु, लाल बाजार के मो. रमजान नाइक उर्फ फहीम, हारवन के बशीर अहमद लोन और नौगाम चौक के मंजूर अहमद के घरों व दुकानों की तलाशी। इसके अलावा JeI से जुड़े संस्थान जैसे जमीयत-उल-बनात (लाल बाजार), राहत मंजिल-जेके यतीम खाना (छताबल), चिनार पब्लिकेशन ट्रस्ट और अल-कौसर बुक शॉप (माईसूमा) पर छापे।
बडगाम: मो. अब्दुल्ला वानी (मंदिर बाग बागात), बेमिना के गुलाम मोहम्मद भट के ठिकाने। चादूरा, सोइबुग और बीरवाह इलाकों में JeI से जुड़े संस्थानों पर भी तलाशी।
कुपवाड़ा: वारिपोरा के जामिया इस्लामिया इंस्टीट्यूट पर छानबीन, जहां गैरकानूनी गतिविधियों और JeI लिंक की आशंका थी। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त।
अन्य जिले: अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम में JeI सदस्यों के घरों, दुकानों और सहयोगी संस्थानों पर व्यापक सर्च। अवंतीपोरा में कई ठिकानों से सामग्री बरामद।
जब्त सामग्री की जांच: आतंकी नेटवर्क तोड़ने का प्रयास
पुलिस ने बताया कि छापों में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, दस्तावेज, साहित्य और अन्य सामग्री जब्त की गई, जिनकी विस्तृत जांच चल रही है। कई JeI सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और कानूनी बंधन लगाया गया। यह कार्रवाई UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत है, जिसके तहत JeI पर 2024 में पांच साल का प्रतिबंध बढ़ाया गया था।
JeI से जुड़े अन्य संस्थानों जैसे रमजाना मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (सौवरा) के मोहम्मद रमजान लोन, रमजाना मेमोरियल स्कूल (बचपोरा) के शाहिद जहगीर, फलाह रिसर्च रमजान सेंटर (नौगाम) के पीर गियास उद दीन के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई।
JeI पर सतत कार्रवाई
यह छापेमारी 12 नवंबर 2025 को हुई 300 से अधिक ठिकानों पर की गई व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है, जहां 500 से ज्यादा लोकेशन्स पर सर्च ऑपरेशन चले थे। JeI को 2019 से UAPA के तहत प्रतिबंधित किया गया है, क्योंकि यह अलगाववाद, आतंकवाद को बढ़ावा देता है। हाल के दिनों में JeI के सदस्यों की संपत्तियां जब्त की गईं और सैकड़ों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि ये प्रयास वैचारिक, वित्तीय और लॉजिस्टिकल सपोर्ट नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की अपील: शांति बनाए रखें
पुलिस ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दें। कश्मीर में हाल के दिनों में Jaish-e-Mohammed और ISIS से जुड़े मॉड्यूल्स को तोड़ने के बाद यह अभियान तेज हुआ है।
