इंद्रावती भवन कर्मचारियों ने शुरू किया चरणबद्ध आंदोलन, काली पट्टी बांधकर दर्ज किया विरोध

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में कार्यरत विभिन्न संचालनालयों के कर्मचारियों ने अपनी दो प्रमुख लंबित मांगों को लेकर बुधवार से चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। पहले दिन कर्मचारियों ने सिर पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताया। यह आंदोलन छत्तीसगढ़ संचालनालयीन शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले हो रहा है।

 

संघ के प्रदेश अध्यक्ष जय कुमार साहू ने बताया कि उनकी दो मुख्य मांगें वर्षों से लंबित हैं, जिन पर सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। ये मांगें हैं:

 

1. मंत्रालय (नवा रायपुर स्थित मंत्रालय भवन) में प्रवेश के लिए संचालनालय कर्मचारियों को स्थायी पास जारी करना, ताकि दफ्तर के काम से मंत्रालय आने-जाने में बार-बार होने वाली परेशानी खत्म हो।

2. मंत्रालय कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों की तर्ज पर संचालनालय कर्मचारियों को भी समान भत्ता प्रदान करना, क्योंकि दोनों जगह के कर्मचारी समान प्रकृति का कार्य करते हैं।

 

श्री साहू ने कहा कि इन मांगों को लेकर पहले कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन अब चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

 

आंदोलन की तय समय-सारिणी

– 20 नवंबर 2025 : काली पट्टी बांधकर विरोध (शुरू हो चुका)

– 26 नवंबर 2025 : काली पट्टी के साथ दोपहर के भोजन अवकाश में सामूहिक प्रदर्शन

– 03 दिसंबर 2025 : इंद्रावती भवन से मंत्रालय तक रैली

– 10 दिसंबर 2025 : एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन

 

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा तथा अगली विस्तृत कार्ययोजना घोषित की जाएगी।

 

इसी क्रम में बुधवार को इंद्रावती भवन में संघ की प्रबंध कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर से मांगों का समर्थन किया और जरूरत पड़ने पर कड़ा आंदोलन करने का संकल्प लिया।

 

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं और सरकार को कर्मचारियों की कार्यस्थल संबंधी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल गंभीरता दिखानी चाहिए।

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