बेतिया में खेसारी लाल के रोड शो में फंसी एम्बुलेंस, गर्भवती महिला तड़पती रही, 45 मिनट बाद मिला रास्ता
बेतिया से आई एक दिल दहला देने वाली खबर ने राजनीति और इंसानियत के बीच की दूरी को उजागर कर दिया है। नरकटियागंज में आरजेडी प्रत्याशी दीपक यादव के समर्थन में आयोजित रोड शो के दौरान एक गर्भवती महिला करीब 45 मिनट तक एम्बुलेंस में तड़पती रही, लेकिन भीड़ में किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया।
दरअसल, भोजपुरी स्टार खेसारीलाल यादव दीपक यादव के लिए प्रचार करने पहुंचे थे। उनके रोड शो में इतनी भारी भीड़ उमड़ी कि सड़कों पर जाम लग गया। इसी दौरान प्रसव पीड़ा से जूझ रही सूफिया देवी नाम की महिला को नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल से जीएमसीएच (GMCH) रेफर किया गया था। लेकिन जब एम्बुलेंस अस्पताल से निकली, तो वह चीनी मिल मोड़ पर रोड शो की भीड़ में फंस गई।
एम्बुलेंस का सायरन लगातार बजता रहा, महिला दर्द से कराहती रही, लेकिन भीड़ और नारेबाजी के बीच उसकी पुकार कोई नहीं सुन सका। चारों ओर बस “खेसारी लाल यादव जिंदाबाद” और “दीपक यादव जीतेंगे” के नारे गूंज रहे थे।
करीब 45 मिनट तक एम्बुलेंस वहीं फंसी रही। जैसे-तैसे जब रोड शो आगे बढ़ा तो एम्बुलेंस को रास्ता मिला और उसे जीएमसीएच की ओर रवाना किया गया। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या अब राजनीतिक रैलियों और वोटों की गूंज इंसान की जान से भी ज्यादा अहम हो गई है?
अक्सर देखा गया है कि देश के बड़े नेता अपने काफिलों को रोककर एम्बुलेंस को रास्ता देते हैं, लेकिन बेतिया से आई यह खबर बेहद दुखद और शर्मनाक है। क्योंकि जहां एक तरफ अस्पताल में हर सेकंड मरीज की जान पर भारी पड़ सकता है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर नारे और भीड़ ने इंसानियत की आवाज को दबा दिया।
यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि इस बात का भी संकेत देती है कि चुनावी जोश में मानवता कहीं पीछे छूट गई है।
