रायपुर बंद को चैंबर ऑफ कॉमर्स का समर्थन नहीं, खुली रहेंगी सभी दुकानें, स्कूल भी खुलेंगे
रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा वीआईपी चौक में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना के खिलाफ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने राज्योत्सव से ठीक एक दिन पहले, 31 अक्टूबर 2025 को रायपुर बंद का ऐलान किया है। हालांकि, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद को समर्थन देने से इनकार कर दिया है, जिससे शुक्रवार को सभी दुकानें निर्धारित समय पर खुली रहेंगी। इसी तरह, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने भी कहा कि उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं मिली और सभी स्कूल सामान्य रूप से संचालित होंगे।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थोरानी ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार किसी भी बंद को समर्थन देने के लिए कम से कम 48 घंटे पहले आवेदन की आवश्यकता होती है। “हमें आवेदन आज शाम ही मिला है, इसलिए इतनी जल्दी बैठक बुलाकर निर्णय लेना संभव नहीं। चैंबर रायपुर बंद का समर्थन नहीं करेगा और सभी दुकानें अपने निर्धारित समय पर खुलेंगी।” वहीं, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया, “हमें इसकी कोई सूचना नहीं प्राप्त हुई है। इसलिए 31 अक्टूबर को सभी प्राइवेट स्कूल खुले रहेंगे।”
बता दें कि यह घटना 23 अक्टूबर के आसपास दिनदहाड़े हुई थी, जब एयरपोर्ट मार्ग पर वीआईपी चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की विशालकाय मूर्ति को अज्ञात आपराधिक तत्वों ने शत-विक्षत कर दिया। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा घटना को छिपाए रखना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। पार्टी प्रमुख अमित बघेल ने आरोप लगाया कि मूर्ति खंडन के माध्यम से छत्तीसगढ़िया विरोधी तत्व लगातार स्थानीय आस्था और स्वाभिमान पर हमला कर रहे हैं, तथा छत्तीसगढ़ की मूल अस्मिता को समाप्त करने की साजिश रच रहे हैं।
जोहार पार्टी का कहना है कि तेलीबांधा की यह हृदयविदारक घटना पूरे छत्तीसगढ़ को आक्रोशित कर रही है। राज्योत्सव से ठीक पहले हुए इस दुष्कृत्य को अक्षम्य बताते हुए पार्टी ने लोकतांत्रिक तरीके से राज्य और केंद्र सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाने के उद्देश्य से 31 अक्टूबर को शांतिपूर्ण रायपुर महाबंद का आह्वान किया है। पार्टी ने इसे राज्य अस्मिता पर हो रहे खिलवाड़ को रोकने और छत्तीसगढ़िया धर्म-संस्कृति की रक्षा के लिए अपनी विवशता बताया है।
पार्टी ने सभी व्यापारियों, आम नागरिकों, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, कर्मचारी-श्रमिक संगठनों और उद्योगपतियों से अपील की है कि एक दिन के लिए अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर छत्तीसगढ़ के प्रति निष्ठा प्रदर्शित करें तथा वास्तविक अपराधियों को जेल पहुंचाने में सहयोग करें। इस घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है, कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और जांच जारी है। विपक्षी नेता भूपेश बघेल और अमित जोगी ने भी घटना की निंदा की है, जबकि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने विरोध प्रदर्शन किया।
